चुनार, मीरजापुर। जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने शुक्रवार को चुनार के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। सर्वप्रथम वह नगर पालिका क्षेत्र के मोहल्ला जगदीशपुर उर्फ टम्मलगंज पहुंचे।
वहां लगाए गए स्वास्थ्य शिविर में उन्होंने मरीजों के स्वास्थ्य जांच की जानकारी ली। उपस्थित चिकित्सक डॉ. धर्मेश यादव ने बताया कि शिविर में अब तक 32 लोगों की जांच कर उपचार और दवाइयां दी गई हैं।
डीएम ने दवाओं की उपलब्धता और मरीजों को मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली और चिकित्सक को निर्देश दिया कि बाढ़ के दौरान होने वाली बीमारियों को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाए।निरीक्षण के दौरान वहां मौजूद सभासद पूजा पाल, सभासद प्रतिनिधि अशोक पाल, अशोक श्रीवास्तव, बुधराम चौहान सहित अन्य स्थानीय लोगों से डीएम ने बाढ़ से हो रही समस्याओं के बारे में पूछा।
लोगों ने बताया कि टम्मलगंज से तहसील, अस्पताल और बाजार जाने का यही मुख्य मार्ग है, जो प्रत्येक वर्ष गंगा का जलस्तर बढ़ने पर अवरुद्ध हो जाता है। लोगों को नाव के सहारे आना-जाना पड़ता है, जिससे काफी परेशानी होती है। ग्रामीणों ने रपटा पर पुल निर्माण के लिए चल रही कार्रवाई के बारे में भी अवगत कराया। इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि पुल निर्माण का कार्य शासन स्तर से बजट स्वीकृत होने के बाद ही शुरू किया जाएगा।
उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।इसके बाद डीएम ने समसपुर गांव स्थित बाढ़ क्षेत्र का भी दौरा किया। उन्होंने उपजिलाधिकारी अनेग सिंह को निर्देश दिया कि बाढ़ से किसी भी प्रकार की दिक्कत होने पर तत्काल सूचना दी जाए और बाढ़ पीड़ितों की हर संभव मदद की जाए। उन्होंने बाढ़ चौकी पर तैनात कर्मचारियों की उपस्थिति और राहत सामग्री की भी जानकारी लिया।
डीएम ने कहा कि बाढ़ क्षेत्र में राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता क्षम्य नहीं होगी। निरीक्षण के दौरान अचानक उनका ध्यान लटक रहे एचटी लाइन के जर्जर तारों पर पड़ा। इसे गंभीरता से लेते हुए उन्होंने तत्काल एक्सईएन चुनार को फोन कर जर्जर तारों को दुरुस्त कराने का निर्देश दिया, ताकि किसी अनहोनी से बचा जा सके।
बिना स्टे के गडे बिजली पोल को देख कडी नाराजगी जताया। इस दौरान तहसीलदार इवेन्द्र कुमार, खण्ड विकास अधिकारी नरायनपुर, रामराज कुशवाहा, एनएमए धनेश कुमार, फार्मासिस्ट संजय गुप्ता, अनिल कुमार पाठक सहित राजस्व टीम मौजूद रही।





