महिलाओं को ध्यान के माध्यम से उनके परिस्थितियों पर प्रयोग करने की सुंदर अनुभूति कराई
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मीरजापुर।
अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस पर शिवशक्ति लीडरशिप अप्रोच के तहत भारत क्षेत्र का अनुभवात्मक रचनात्मक “करुणामय शिवशक्ति नेतृत्व: शांति ही शक्ति है” विषयक कार्यशाला 20 सितंबर को सायं ब्रह्माकुमारीज़ सेवाकेंद्र में संपन्न हुआ। शहर की सम्मानित महिलाओ सुचिस्मिता मौर्य
विधायिका, अनीता जीजीआईसी प्रिंसिपल, मीनू मिश्रा Ex मल्टीप्ल प्रेसिडेंट लीनियस क्लब, निशा सिंह जीजीआईसी प्रिंसिपल सोनभद्र, डॉ आशा राय लीनियस क्लब प्रेसिडेंट, नंदिनी मिश्रा प्रबोधिनी संस्थान की डायरेक्टर और इनर व्हील क्लब ऑफ मिर्ज़ापुर की पास्ट प्रेसिडेंट, दीप्ति पांडेय लीनियस उन्नति क्लब की प्रेसिडेंट, डॉ बीना सिंह पूर्व प्रिंसिपल बिनानी कॉलेज, वंदना राय लीनियस आर्य की प्रेसिडेंट, सुषमा सिंह जेसी स्कूल डायरेक्टर, सुनीता शर्मा भाजपा महिला मोर्चा जिला उपाध्यक्ष, साधना गुप्ता महिला मोर्चा नगर पूर्वी अध्यक्ष भाजपा, जयश्री बहन डायरेक्टर प्लेवे स्कूल, बीके रश्मि गुप्ता लीनियस क्लब फैकल्टी मेंबर की उपस्थिति रही।
ब्रह्माकुमारी सेवाकेंद्र संचालिका राजयोगिनी बिंदु दीदी ने सभी का पुष्प से स्वागत किया और ब्रह्मा कुमारीज़ मुख्यालय की वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका डॉ. सुनीता दीदी (फोकल प्वाइंट मेम्बर भारत एवं नेपाल एसएसएलए) तथा उपरोक्त गणमान्य महिलाओं द्वारा अनोखा दीप प्रज्वलन किया। कुमारी काशवी और कुमारी पायल ने बहुत सुंदर स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया।
राजयोगिनी बी. के. सुदेश दीदी के विडीओ द्वारा सभी विषय की गहरायी से लाभान्वित हुए। दीदी जी ने सभी को Peace Flower भेंट करते हुए शांति का भावार्थ पांच गुणों से जोड़कर बताया कि Positive, Education, Acceptance, Cool, Easy के पंखुड़ियों का यह शांति का पुष्प सभी अपने मन के बगीचे में विकसित करें और अपने घर को मंदिर बनाये।
बी.के. डॉ. सुनीता दीदी ने “करुणामय शिवशक्ति नेतृत्व: शांति ही शक्ति है” के विषय पर सभी उपस्थित महिलाओं को प्रत्येक के व्यक्तिगत घटना की स्मृति दिलाते हुए, स्वयं को शांति के सागर शिव परमात्मा की संतान शांति की देवी शिवशक्ति स्वरूप बनने का एहसास कराते हुए, गहन ध्यान के माध्यम से उनके परिस्थितियों पर प्रयोग करने की सुंदर अनुभूति कराई।
कार्यशाला में रोप एक्टिविटी के माध्यम से इन्हीं अनुभूतियों का आपसी आदान-प्रदान हुआ, जिससे कार्यशाला अत्यंत प्रभावशाली रहा।
उपस्थित महिलाओं ने गोलाकार में बैठकर अपने जीवन की सच्ची घटनाओं को साझा किया कि कैसे विपरीत परिस्थिति में उन्हें ग़ुस्सा आया था और बदला लेने की भावना आई थी, लेकिन जब कार्यशाला के दौरान वो शांति की देवी शीतला शिवशक्ति का स्वरूप बने तब उनके भीतर सामने वाले को माफ़ करने की शक्ति, दूसरे के विचारों को स्वीकार करने की शक्ति, करुणामय नेतृत्व से व्यवहार करने शक्ति और शांति ही शक्ति है, उसकी सुंदर अनुभूति हुई।
अंत में सभी महिलाओं को राजयोगिनी बी.के. डॉ. सुनीता दीदीजी, बिंदु दीदी द्वारा परमात्मा का गाड्ली गिफ़्ट और प्रसाद दिया गया। ब्रह्मा कुमारी महिमा दीदी ने सुचारू रूप से मंच संचालन किया।


