0 कहा- जिन महापुरुषों ने अपना सर्वस्व अर्पण किया, सर्वसमाज को मिलकर उनकी जयंतियों का आयोजन करना होगा
0 आरएसएस स्वयंसेवकों ने शरद पूर्णिमा उत्सव एवं वाल्मीकि जयंती मनायी
0 महर्षि अरविंद ने कहा था- सनातन का उत्थान, तो भारत का उत्थान और सनातन का पतन, तो भारत का पतन होगा
0 हिटलर की बेटी स्वैटलाना की नींद की गोली बंद हुई और असली शांति मिली तो बालू की रेत पर
मीरजापुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के क्षेत्र प्रचारक अनिल कुमार जी ने कहा कि महापुरुषों के आदर्शों को संघ ने अपना अधिष्ठान माना और और उसे अपने कार्य पद्धति मैं शामिल कर सनातन पर चला। इसी परंपरा के बल पर स्वामी विवेकानंद की बातें सच होगी और भारत की दुनिया में जय जयकार होगी। इसके लिए हम सबको अपने संस्कार संस्कृति सनातन सभ्यता और परंपराओं पर अडिग रहकर इन्हें नई पीढ़ी को हस्तांतरित करना होगा। जिन महापुरुषों ने देश और समाज के लिए अपना सर्वस्व अर्पण किया, उन्हे जातियों में न बांटकर सर्व समाज के द्वारा उनकी जयंतियों का आयोजन करना होगा। क्षेत्र प्रचारक सोमवार को रात्रि महंथ शिवाला स्थित फन सिटी लान में शरद पूर्णिमा उत्सव एवं महर्षि वाल्मीकि जयंती समारोह को बतौर मुख्य वक्ता संबोधित कर रहे थे।
क्षेत्र प्रचारक ने कहा कि सनातन में निरंतर त्यौहार मिलेगा। काशी में वास करिए तो पता चलता है कि ‘नित्य सात वार और नौ त्यौहार’। प्रयाग का माघ मेला, शबरीमाला में 40 दिन का ब्रह्मचर्यपूर्ण अनुष्ठान, सावन में भगवा में संपूर्ण देश और यही नहीं अकेले हरिद्वार में 4:50 करोड़ लोगों द्वारा कांवर उठाना और उसमें भी 80% जैन जी का होना हमारी सनातन के जीवंत होने का प्रत्यक्ष प्रमाण है। कहां की हजारों साल विधर्मियों ने अधर्म किया, फिर भी विश्व के पटल पर अपना भारत स्वाभिमान से खड़ा है, मूल अधिष्ठान धर्म संस्कृति परंपरा से अलग नहीं कर पाए। दुर्गा पूजा बंगाल से गणेश उत्सव महाराष्ट्र से छठ पूजा बिहार से आज पूरे देश में हो रहा है। कहाकि सरसंघचालक जी ने कानपुर में आरएसएस के कार्यालय का लोकार्पण किया वहां अंबेडकर जी का चित्र एवं उनके नाम का बोर्ड लगा है। ऐसे ही महापुरुषों को स्वीकार कर सर्व समाज को सभी महापुरुषों की जयंतियां मनाकर एक रस होना और व्यवहार मे लाना होगा।
कहाकि यूनान मिस्र रोमा सारे मिट गए जहां से कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी अर्थात यह सभी देश मृत प्राय इसलिए हो गए क्योंकि यहां की संस्कृति और सभ्यताएं नष्ट कर दी गई।
क्षेत्र प्रचारक ने सचेत किया कि आज हमले का प्रकार तलवार और तराजू के बूते नहीं बल्कि परंपराओं को समाप्त करने के लिए हो रहा है, ऐसे आक्रमण से बचना होगा। उन्होंने आवाहन किया कि आगामी माघी पूर्णिमा पर संत रविदास जी महाराज के 650 में प्राकट्य उत्सव रविदास जयंती का आयोजन सर्व समाज के द्वारा जगह-जगह किया जाए संपूर्ण समाज उन्हे अपना मानकर कार्यक्रम करें।
उन्होंने बताया कि अलीपुर बम कांड में महर्षि अरविंद को जेल हुआ और जेल से बाहर आए तो उत्तरपारा के भाषण में उन्होंने कहा कि अगर सनातन का उत्थान होगा तो भारत का उत्थान होगा और सनातन का पतन होगा तो भारत का पतन होगा। बताया कि सर्व ऐश्वर्य भरा होने के बाद भी हिटलर की बेटी स्वैटलाना शांति की तलाश में भारत आई, उसने भी 6 माह तक गंगा के तट पर कुटिया बनाकर बसेरा किया। लोगों ने जब पूछा की सब कुछ होते हुए आप गंगा के रेती पर तो स्वेटलाना ने जवाब दिया की मेरी नींद की दवा बंद हुई और असली शांति मिली तो इसी बालू की रेत पर।
उन्होंने कहा कि विरोधी भी सच्चाई बोल देते हैं एक जाने वाले पत्रकार जो कभी संघ की तारीफ नहीं करते उन्होंने भी 2 मिनट का वीडियो डालकर कहा कि एक ही वर्ष 1925 में सितंबर में आर एस एस और दिसंबर में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी बनी। संघ ने तीन प्रतिबंध झेला है, फिर भी मुकाम पर पहुंचा और किसी जमाने में कम्युनिस्ट कैडर था, वह आज समाप्त हो गया है। यह हमारे अधिष्ठान सनातन और हमारे कार्य पद्धति का ही परिणाम है और आने वाले समय में अपना भारत भगवामय होकर एक बार फिर विश्व का नेतृत्व करेगा। वह देखो पास खड़ी मंजिल, इंगित से हमें बुलाती है, साहस से बढ़ने वालों के, माथे पर तिलक लगाती है.”। हमें अपने साहस और पराक्रम को बनाए रखना है।
उद्बोधन से पूर्व भगवा ध्वजारोहण एवं तत्पश्चात मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्र प्रचारक अनिल कुमार जी भाई साहब, काशी प्रांत के प्रांत सॉन्ग चालक अंगराज जी भाई साहब एवं नगर संघचालक अशोक सोनी जी भाई साहब द्वारा महर्षि वाल्मीकि के चित्र पर पुष्पार्चन कर नमन किया। उपस्थित लगभग पांच सौ स्वयंसेवकों ने बाल तरुण व्यवसाय अलग-अलग गणों विभिन्न खेलों, योग व्यायाम आसान का अभ्यास किया। शाखा विकिर उपरांत शरद पूर्णिमा के अमृत खीर के वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।
इस भव्य आयोजन में विभाग प्रचारक कौशल किशोर, विभाग कार्यवाह सच्चिदानंद त्रिपाठी, विभाग संपर्क प्रमुख केशव नाथ तिवारी, सह विभाग संपर्क प्रमुख चंद्रमोहन, विभाग धर्म जागरण संयोजक वीरेंद्र मौर्य, विभाग मार्ग प्रमुख शिवनरायन तिवारी, जिला प्रचारक रजत प्रताप, नगर प्रचारक अंजनी, विभाग घोष प्रमुख नीलेश श्रीवास्तव, गुंजन चौधरी, इंद्रजीत शुक्ल, एडवोकेट सुनील कुमार दूबे, अनिल कुमार मिश्र, विमलश अग्रहरि, मनोज जायसवाल, श्याम सुंदर केशरी, विद्याधर तिवारी, आशुकांत चुनाहे, बालेंदुमणि त्रिपाठी, राम आसरे सरोज, नितिन विश्वकर्मा, रवींद्र जायसवाल, विनोद यादव सहित संघ के पदाधिकारी, सैकड़ों की संख्या में बाल, युवा और वयोवृद्ध स्वयंसेवकों ने सहभागिता की।





