शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुटी पुलिस
बीकेटी/लखनऊ। राजधानी लखनऊ के बख्शी का तालाब क्षेत्र में गुरुवार देर रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। सीतापुर हाईवे पर बेहड़ा चक्की के निकट सरैया गांव के पास सड़क किनारे खड़ी एक कार (यूपी32सीएस0626) आग की लपटों में घिरी मिली। आग बुझने के बाद पुलिस ने कार का दरवाजा खोला तो ड्राइविंग सीट पर बैठे युवक का सिर्फ कंकाल बचा था। इस घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है। शुरुआती जांच में मामला केवल हादसे का नहीं बल्कि हत्या कर सबूत मिटाने की कोशिश का भी माना जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक गुरुवार रात करीब 11:30 बजे राहगीरों ने हाईवे पर कार में आग लगने की सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस और फायर ब्रिगेड ने काफी कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक कार पूरी तरह जल चुकी थी। कार के भीतर बैठा एक युवक भी जिंदा जल चुका था। शव इतनी बुरी तरह जल गया कि पहचान तक मुश्किल हो गई। जिसका पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस के मुताबिक जांच में सामने आया कि कार खुर्रमनगर निवासी अलमाश पुत्र हमीदुल के नाम पर पंजीकृत है। पुलिस ने वाहन स्वामी के परिजनों को सूचना देकर पूछताछ शुरू कर दी है। मृतक की पहचान और कार तक उसके पहुंचने की कड़ी जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। घटना स्थल भी कई सवाल खड़े कर रहा है।
जिस स्थान पर कार मिली, वहां रात के समय सन्नाटा रहता है और आसपास कोई आबादी नहीं है। कार हाईवे के किनारे खड़ी थी। आग बुझने के बाद कार के सभी शीशे भी क्षतिग्रस्त मिले, जबकि शव का ऊपरी हिस्सा पीछे की ओर झुका हुआ था। इन परिस्थितियों ने हत्या के बाद कार में आग लगाकर साक्ष्य मिटाने की आशंका को और गहरा कर दिया है। हालांकि पुलिस अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है और सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।
एसीपी बख्शी का तालाब विकास कुमार पांडेय ने बताया कि फोरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। हाईवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। घटना स्थल के पास स्थित धर्मकांटे के कर्मचारियों और घटना की सूचना देने वाले लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। शव की शिनाख्त और फोरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही मौत की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी।





