मीरजापुर।
केबीपीजी कॉलेज मिर्जापुर के बीएड विभाग में सात दिवसीय ‘बोधि पथ’ कार्यशाला का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यशाला अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान लखनऊ और उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की जा रही है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष लालबहादुर सरोज ने दीप प्रज्वलित कर कार्यशाला की शुरुआत की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा, “बौद्ध धर्म का मध्यम मार्ग और पर्यावरण के प्रति अहिंसा का सिद्धांत आधुनिक सतत विकास के लक्ष्यों के सबसे करीब है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि बुद्ध के उपदेशों के अनुसार पेड़ों, नदियों और वन्य जीवों का संरक्षण आज के समाज में सबसे अधिक प्रासंगिक है।
विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित नगर पालिका अध्यक्ष श्याम सुंदर केसरी ने पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा, “वैश्विक अशांति के इस दौर में दुनिया को युद्ध की नहीं, बल्कि बुद्ध के करुणा और शांति के संदेशों की आवश्यकता है।” कार्यशाला के मुख्य विषय को स्पष्ट करते हुए डॉ. रविंद्र प्रताप सिंह ने बीज वक्तव्य प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य प्रोफेसर रविंद्र कुमार द्विवेदी ने की और कार्यक्रम का सफल संयोजन व संचालन डॉ. कुलदीप पांडेय द्वारा किया गया। इस अवसर पर माँ विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय मिर्जापुर के कुलसचिव रामनारायण, परीक्षा नियंत्रक हरिश्चंद्र, प्रो. बीना देवी सिंह, प्रोफेसर भवभूति मिश्रा, प्रोफेसर नम्रता मिश्रा, प्रोफेसर भानु प्रताप सिंह और प्रोफेसर इंदु भूषण द्विवेदी सहित भारी संख्या में प्राध्यापक व छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।





