0 रोग प्रतिरोधक क्षमता, स्मरण शक्ति एवं सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मासिक आयुर्वेदिक इम्यूनाइजेशन अभियान जारी, अगला शिविर 11 अगस्त को होगा
चुनार, मीरजापुर। एपेक्स ट्रस्ट हॉस्पिटल एवं एपेक्स इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड हॉस्पिटल चुनार द्वारा ट्रस्टी प्रो. डॉ. एस.के. सिंह के संरक्षण में जन्म से 16 वर्ष तक के बच्चों के लिए आयोजित मासिक सुवर्णप्राशन शिविर में 13 बच्चों को सुवर्णप्राशन की खुराक पिलाई गई।
यह शिविर प्राचीन आयुर्वेदिक इम्यूनाइजेशन परंपरा के अंतर्गत बच्चों के शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक विकास को ध्यान में रखते हुए आयोजित किया गया। कौमारभृत्य (बाल रोग) विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. प्रीति मौर्या एवं डॉ. यशपाल सिंह की टीम द्वारा हॉस्पिटल में ही आयुर्वेदिक विधि से सुवर्णप्राशन तैयार किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि सुवर्णप्राशन बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को सुदृढ़ करने, स्मरण शक्ति बढ़ाने तथा समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
एपेक्स के डीन प्रो. सुनील मिस्त्री एवं आयुर्वेद कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो. पी.के. सिंह ने बताया कि संस्थान में विगत कई वर्षों से प्रत्येक माह पुष्य नक्षत्र पर सुवर्णप्राशन शिविर नियमित रूप से आयोजित किया जा रहा है। इस बार 100 से अधिक पंजीकृत बच्चों में से 13 बच्चों को सुवर्णप्राशन की खुराक दी गई। उन्होंने जानकारी दी कि अगला सुवर्णप्राशन शिविर 11 अगस्त को आयोजित किया जाएगा।
एपेक्स ट्रस्ट के चेयरमैन प्रो. डॉ. एस.के. सिंह ने कहा कि आयुर्वेद में पुष्य नक्षत्र को सुवर्णप्राशन के लिए सर्वोत्तम समय माना गया है। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे आयुर्वेदिक शिशु रोग विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार नियमित रूप से बच्चों को सुवर्णप्राशन कराएं, जिससे बचपन से ही उनकी प्राकृतिक प्रतिरक्षा शक्ति, बौद्धिक क्षमता एवं स्मरण शक्ति को मजबूती मिल सके।





