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सीएमआईएस पोर्टल पर लम्बित परियोजनाओं की डीएम-सीडीओ ने की समीक्षा

0 पूर्वांचल विकास निधि, त्वरित विकास, जिलांश के कार्यो में तेजी लाने का दिया निर्देश

0 विलम्बित परियोजनाओं में धन की कमी नहीं, अपितु कमी है तो इच्छा शक्ति व निगरानी की -जिलाधिकारी

80 प्रतिशत तक पूर्ण परियोजनाओं को 15 अगस्त तक पूर्ण कर करे सम्बन्धित विभाग को हस्तांतरित: मुख्य विकास अधिकारी

मीरजापुर। विकास कार्यो में तेजी लाने व समयबद्धता सुनिष्चित करने के दृश्टिगत जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार व मुख्य विकास अधिकारी विशाल कुमार ने जिला पंचायत सभागार में सीएमआईएस पोर्टल पर दर्ज लम्बित परियोजनाओं की गहन समीक्षा की। समीक्षा के दौरान पूर्वांचल विकास निधि, त्वरित विकास निधि, जिलांश व राज्यांष में में निर्माणाधीन वर्श 2023-24, 2024-25 एवं 2025-26 की विलम्बित/अनारम्भ परियोजनाओं के कार्य प्रगति की विभाग/कार्यदायी संस्थावार एक-एक परियोजना की समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने सभी कार्यदायी संस्थाओं को कड़े निर्देष देते हुए कहा कि लगभग सभी परियोजनाओं में धन की कोई कमी नहीं है, कमी है तो मात्र इच्छा षक्ति और निगरानी की। जिलाधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि 80 प्रतिषत से ऊपर पूर्ण परियोजनाओं को प्रत्येक दषा में 15 अगस्त 2026 तक पूर्ण करते हुए सम्बन्धित विभाग को हस्तांतरित कराना सुनिष्चित करें। उन्होंने यह भी कहा कि त्वरित विकास व पूर्वांचल निधि योजना के तहत 2026-27 में जो कार्य स्वीकृत हुए है व उन पर धनराषि भी अवमुक्त कर दिए गए है ऐसे कार्यो का एक सप्ताह के अन्दर आरम्भ करना सुनिष्चित किया जाए।

उन्होंने कहा कि किसी कार्य के आरम्भ के दौरान सम्बन्धित क्षेत्र के मा0 जनप्रतिनिधि/विधायक को आमंत्रित कर उनसे भूमि पूजन व षिलान्यास कार्य अवष्य कराया जाए। इसमें लापरवाही बरतने पर सम्बन्धित कार्यदायी संस्था के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी। मुख्य विकास अधिकारी ने भी सभी कार्यदायी संस्थाओं को निर्देषित करते हुए कहा कि जिन नवीन कार्यो में 10 से 20 प्रतिषत ही प्रगति है उनमें कार्य में तेजी लाते हुए 15 अगस्त 2026 तक प्रत्येक दषा में 50 प्रतिषत से अधिक प्रगति लाना सुनिष्चित करें।

उन्होंने कहा कि सम्पर्क मार्गो, सी0सी0 रोड व इण्टर लाकिंग के निर्माण के पष्चात फुटपाथ निर्माण अवष्य किया जाए। जिलाधिकारी ने सम्पर्क मार्गो में फोटोग्राफ देखने के पष्चात फुटपाथ/पटरी मार्ग न बनाए जाने पर कड़ी आपत्ति दर्ज करते हुए निर्देषित किया कि दिखाए गए पूर्ण सम्पर्क मार्गो, इण्टर लाकिंग व सी0सी0 रोड की सूची उपलब्ध कराई जाए ताकि उसका जांच कराई जा सके। जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों जिनका कार्य चल रहा है अथवा विलम्बित है वे कार्यदायी संस्था प्रत्येक सप्ताह कार्य स्थल पर पहुंचकर प्रगति, गुणवत्ता की जांच कर अपनी आख्या फोटोग्राफ सहित जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी को उपलब्ध कराएं। भौतिक प्रगति वाले कार्यो में कई ऐसे कार्य जिनमें व्यय प्रगति नहीं है ऐसे कार्यो में सम्बन्धित कार्यदायी संस्था जांच टीम के रिपोर्ट के पष्चात तत्काल भुगतान सुनिष्चित करे।

उन्होंने कहा कि सभी कार्यो की प्रगति सीएमआईएस पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपडेट करें। समीक्षा के दौरान विभिन्न निधियों में मा0 विधायकगण के द्वारा प्रस्तावित निर्माण कार्यो की भी समीक्षा की गई ऐसे कार्यो को अधिकतम अगस्त माह के अन्त पूर्ण करने का निर्देष दिया गया। बैठक में लोक निर्माण विभाग, राजकीय निर्माण निगम, सीएण्डडी0एस0, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, पैक्सफेड, सिडको, पर्यटन विभाग के द्वारा कराए जा रहे विभिन्न परियोजनाओं की बिन्दुवार समीक्षा कर गुणवत्तापूर्ण व समयबद्ध तरीके से लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति लाने का निर्देष दिया गया।

इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा, अधिषासी अभियंता लोक निर्माण विभाग अषोक कुमार व जनार्दन यादव, अधिषासी अभियंता विद्युत के अलावा अन्य सभी कार्यदायी संस्थाओं के परियोजना प्रबंधक, जिला बेसिक षिक्षा अधिकारी अनिल कुमार वर्मा, जिला विद्यालय निरीक्षक राजकुमार दीक्षित, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी बाबू लाल के अलावा अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहें।

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