डीआईजी ने मीरजापुर, सोनभद्र व भदोही की अपराध शाखाओं के विवेचकों संग की समीक्षा
0 लंबित विवेचनाओं के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण के दिये सख्त निर्देश
फोटोसहित
मीरजापुर। सोमवार, 28 सितंबर को पुलिस उपमहानिरीक्षक विन्ध्याचल परिक्षेत्र पूनम द्वारा परिक्षेत्रीय कार्यालय मीरजापुर में परिक्षेत्र के जनपद मीरजापुर, सोनभद्र एवं भदोही की अपराध शाखा में नियुक्त विवेचकों के साथ लंबित विवेचनाओं की समीक्षा हेतु महत्वपूर्ण बैठक की गयी। बैठक के दौरान पुलिस उपमहानिरीक्षक द्वारा अपराध शाखाओं में लंबित विवेचनाओं की विवरणवार समीक्षा करते हुए विवेचकों से प्रकरणों की वर्तमान स्थिति, विवेचना में हुई प्रगति तथा लंबित रहने के कारणों की जानकारी प्राप्त की गयी। उन्होंने सभी विवेचकों को निर्देशित किया कि लंबित विवेचनाओं में उपलब्ध व संकलित साक्ष्यों का गहनता से परीक्षण कर निष्पक्ष, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा प्रत्येक प्रकरण में उपलब्ध साक्ष्यों का गहनता से परीक्षण कर विवेचना को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाया जाए।
पुलिस उपमहानिरीक्षक द्वारा विशेष रूप से निर्देशित किया गया कि विवेचना के दौरान सुसंगत भौतिक, वैज्ञानिक एवं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का नियमानुसार संकलन एवं परीक्षण सुनिश्चित किया जाए, ताकि अभियोगों का निस्तारण उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर गुण-दोष के आधार पर किया जा सके। साथ ही, न्यायालय में प्रभावी पैरवी एवं अभियोजन की दृष्टि से विवेचना को साक्ष्यपरक एवं विधिसम्मत बनाए जाने पर भी विशेष जोर दिया गया।
उन्होंने कहा कि लंबित विवेचनाओं को प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समयावधि में उनका निस्तारण सुनिश्चित करें। विवेचना के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही, शिथिलता अथवा अनावश्यक विलम्ब न हो। सभी विवेचकों को निर्देशित किया कि विवेचना की गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए तथा प्रत्येक प्रकरण में निष्पक्षता, पारदर्शिता एवं विधिक प्रावधानों का पूर्णतः पालन सुनिश्चित करते हुए प्रभावी कार्रवाही की जाए।


