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लम्बे समय से लम्बित मुकदमों के निस्तारण को दे प्राथमिकता: जिलाधिकारी

निविर्वाद उत्तराधिकार में शिकायत पाये जाने पर होगी कड़ी कार्यवाही, निरस्त करने पर स्पष्ट कारण का करे उल्लेख

विभिन्न विभागों विशेषकर खनन विभाग के आरसी वसूली पर करे प्रभावी कार्यवाही: शत प्रतिशत खसरा का हो फीडिंग
फोटोसहित
मीरजापुर। जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में राजस्व कार्यो कर करेत्तर, मुख्य देय एवं राजस्व वसूली तथा चकबन्दी कार्य प्रगति की मासिक समीक्षा बैठक आहूत की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारी, तहसीलदारों/नायब तहसीलदारों को निर्देशित करते हुए कहा कि लम्बे समय से लम्बित यथा तीन से पांच वर्ष एवं पांच वर्ष से अधिक लम्बित मुकदमों के निस्तारण में विशेष प्राथमिकता दी जाए। तहसीलों में राजस्व से जूड़े मामलों को लम्बित न रखा जाए आम जन मानस को न्याय के लिए अधिक समय तक भटकना न पड़े। अतएव सभी राजस्व अधिकारी अपने न्यायालय में प्रतिदिन वादों की सुनवाई कर मामलों का निस्तारण सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि राजस्व परिषद द्वारा अब प्रत्येक कोर्टवार सम्बन्धित अधिकारी से समीक्षा की जायेगी। अधिक से समय से लम्बित पाए जाने पर सम्बन्धित अधिकारी स्वयं ही जिम्मेदार होगा। उन्होंने निविर्वाद उत्तराधिकार के संबंध में प्राप्त शिकायतों को गम्भीरता से लेते हुए कहाकि निर्विवाद उत्तराधिकार-धारा-34 के मामलों में नियमानुसार निर्धारित समय सीमा के अन्र्तगत कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। किसी भी मामले को निरस्त करने/पेंडिग रखने का स्पष्ट कारण का उल्लेख किया जाए। शिकायते मिलने पर सम्बन्धित के विरूद्ध कार्यवाही भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रायः देखने में आया है कि पिता/अभिभावक की मृत्यु के बाद वारिशान/पुत्रों के नाम चढ़ाने जैसे मामलों में अधिक आपत्तियां आ रही है बिना स्पष्ट कारण मामला निरस्त करने वाले अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही भी की जाएगी। धारा-34, 24 व धारा-67 पर जिलाधिकारी ने कहा कि साक्ष्य के अभाव में पेंडिंग न रखा जाए लेखपाल समय से रिपोर्ट लगाए तथा अन्य राजस्व मामलों में राजस्व व पुलिस की टीम संयुक्त रूप से मौके पर जाकर पैमाइश कराकर विवाद का निपटारा कराएं। जिलाधिकारी ने सभी उप जिला मजिस्ट्रेट व तहसीलदारों को निर्देशित करते हुए कहा कि वसूली के कार्य में तेजी लाते हुए विभिन्न विभागों से प्राप्त आरसी विशेषकर खनन विभाग के आरसी पर प्रभावी कार्यवाही करते हुए वसूली किया जाए, समीक्षा के दौरान पाया गया कि खनन विभाग द्वारा भेजे गए आरसी का समय से बड़ी संख्या में लम्बित है जिस पर जिलाधिकारी द्वारा नाराजगी भी व्यक्त की गई। उन्होंने तहसीलदारों को निर्देशित किया कि खसरा का शत प्रतिशत फीडिंग सुनिश्चित किया जाए। खतौनी के डिजिटाइजेशन में तेजी लाई जाए ताकि किसानों को राजस्व अभिलेख प्राप्त करने में असुविधा न हो। फैमिली आईडी बनाने में तेजी लाने पर बल दिया गया। बैठक में राजस्व वसूली के अतिरिक्त आबकारी विभाग, वाणिज्यकर विभाग, लोक निर्माण विभाग,सिंचाई, वन, परिवहन सहित अन्य विभागों की बिन्दुवार समीक्षा की गई। बैठक में जिलाधिकारी द्वारा आई0जी0आर0एस0/सीमए डैशबोर्ड एवं चकबन्दी प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई तथा चकबंदी कार्यो में तेजी लाने का निर्देश दिया गया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विजय कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 विनोद कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी भू0/रा0 विजेता, प्रभागीय वनाधिकारी राकेश कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी कीर्ति कुमार मिश्रा, उप जिलाधिकारी सदर महेन्द्र सिंह, चुनार अनेग सिंह, मड़िहान संतोष कुमार ओझा, लालगंज अजीत कुमार, डिप्टी कलेक्टर न्यायिक नीलम उपाध्याय व जूही प्रसाद अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहें।

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