मीरजापुर।
डॉ. सरला सर्राफ पब्लिक स्कूल मीरजापुर का वार्षिकोत्सव कार्यक्रम ‘अभ्युदय 2026-27’ रविवार, 1 नवंबर 2026 को विद्यालय परिसर में अत्यंत उत्साह, उल्लास एवं गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। इस वर्ष वार्षिकोत्सव की थीम ‘व्यक्तित्व निर्माण – स्वयं से समाज तक’ (From Self to Society) रही, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, आत्मविश्वास, नैतिक मूल्यों, सामाजिक चेतना एवं सकारात्मक व्यक्तित्व के निर्माण का संदेश देना था।
शुभारंभ माँ विंध्यवासिनी के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित करने के पश्चात गणेश वंदना की भक्तिमय प्रस्तुति से हुआ। इसके पश्चात विद्यालय के अध्यापिकाओं द्वारा स्कूल एंथम प्रस्तुत किया गया। विद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट के माध्यम से शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों तथा वर्षभर की उपलब्धियों की झलक प्रस्तुत की गई।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत की गई विविध विषयों पर आधारित रंगारंग एवं संदेशपरक प्रस्तुतियाँ रहीं। ‘Dream, Dare, Deliver’ के माध्यम से सपने देखने, साहस करने और उन्हें साकार करने की प्रेरणा दी गई। ‘Wheels of Life’ ने जीवन के विभिन्न पड़ावों और अनुभवों का संदेश दिया, वहीं ‘The Excuse Factory’ ने बहाने बनाने की प्रवृत्ति से बाहर निकलकर जिम्मेदारी स्वीकार करने की सीख दी। ‘Living the Expectations’ के माध्यम से बच्चों के जीवन में संस्कारों एवं पारिवारिक आदर्शों के महत्व को दर्शाया गया।
इसके अतिरिक्त ‘Rhythms of India’ और ‘Gatha-e-Vatan’ ने भारतीय संस्कृति, विविधता एवं राष्ट्रप्रेम की सुंदर झलक प्रस्तुत की। ‘Ramdoot – A Journey of Bhakti’ ने भक्ति, समर्पण और जीवन मूल्यों का संदेश दिया। ‘The Forgotten Blessings’ ने परिवार एवं बुजुर्गों के प्रति कृतज्ञता का भाव जागृत किया। वहीं ‘Currency Museum’, ‘Nazarband’, ‘Superfood vs. Junk: The Final Verdict’ और ‘The Brain Behind Mobile Addiction’ जैसी प्रस्तुतियों ने विद्यार्थियों की रचनात्मकता के साथ-साथ सामाजिक, स्वास्थ्य एवं समसामयिक विषयों पर उनकी जागरूकता को भी प्रदर्शित किया।
कार्यक्रम की अंतिम प्रस्तुति ‘विकसित भारत 2047’ ने एक सशक्त, आत्मनिर्भर एवं विकसित राष्ट्र के निर्माण में युवा पीढ़ी की भूमिका और जिम्मेदारी का प्रेरणादायी संदेश दिया।
‘अभ्युदय’ की प्रत्येक प्रस्तुति इस विचार को साकार करती नजर आई कि शिक्षा का उद्देश्य केवल अकादमिक ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि ऐसे संवेदनशील, संस्कारवान, आत्मविश्वासी एवं जिम्मेदार नागरिकों का निर्माण करना है, जो स्वयं के विकास के साथ समाज और राष्ट्र के उत्थान में भी योगदान दे सकें।
मुख्य अतिथि द्वय डॉ विनोद बिन्द एवं उत्तर प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष सोहनलाल श्रीमाली, विशिष्ट अतिथि नगरपालिका अध्यक्ष श्यामसुंदर केसरी, प्रो. (डॉ.) संजीव कुमार सिंह प्राचार्य एवं डीन माँ विंध्यवासिनी स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, मीरजापुर, डॉ. जगदीश प्रसाद सिंह पटेल अध्यक्ष, जिला सहकारी बैंक लिमिटेड, मीरजापुर, जज आनंद कुमार सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मीरजापुर, रामसकल पूर्व सांसद मीरजापुर , मनोज जायसवाल पूर्व अध्यक्ष नगरपालिका परिषद मीरजापुर, मनोज श्रीवास्तव अध्यक्ष राष्ट्रवादी मंच मीरजापुर, रविन्द्र द्विवेदी प्राचार्य के बी पी जी कॉलेज मीरजापुर, स्नेहलता द्विवेदी निदेशक स्वामी गोविंदाश्रम मीरजापुर आदि सभी अतिथियों ने कार्यक्रम की सराहना किया।
विद्यालय के चेयरमैन दिनेश चंद्र, निदेशक आयुष कुमार सर्राफ एवं श्रीमती प्रीती सर्राफ ने विद्यार्थियों की प्रतिभा, परिश्रम एवं प्रस्तुतियों के लिए अध्यापिकाओं के प्रयासों की प्रशंसा की।
रामहर्ष गुप्ता , सुरेश त्रिपाठी, कृष्णमूर्ति चौधरी, डॉली अग्रहरि, राजीव अग्रवाल, मनीष सर्राफ आदि लोग उपस्थित थे ।





