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तकनीकी उन्नयन योजना: मिर्जापुर की तीन इकाइयों को 13 लाख का मिला अनुदान; उद्यमी या सेवा प्रदाता इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं: उपायुक्त उद्योग वीरेन्द्र कुमार 

मिर्जापुर।
उद्योग विभाग द्वारा संचालित तकनीकी उन्नयन योजना के अंतर्गत जनपद मिर्जापुर की तीन औद्योगिक इकाइयों को अपनी उन्नत प्लांट मशीनरी लगाने के लिए सब्सिडी प्रदान की गई है। तीन इकाइयों मे सेठिया इंडस्ट्रीज, जो की दोना पत्तल हाइड्रोलिक पेपर प्लेट का निर्माण किया जाता है। को 5 लाख, विंध्य प्रिंटिंग वर्क्स को भी 5 लाख और  आरिका इंटरप्राइजेज जो की फैब्रिकेशन की यूनिट है उनको 3 लाख की सब्सिडी सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई है। उत्तर प्रदेश सरकार के उद्योग विभाग द्वारा तकनीकी उन्नयन योजना संचालित की जा रही है, जिसमें कोई भी उत्पादन करने वाली सूक्ष्म एवं लघु इकाई या सेवा प्रधान प्रदान करने वाली सूक्ष्म और लघु इकाई अपना किसी भी प्रकार का तकनीकी उन्नयन करते हैं अर्थात कोई उन्नत या एडवांस मॉडर्न किस्म की मशीन लगते हैं, उनको कैपिटल सब्सिडी भी प्रदान की जाती है एवं किसी सूक्ष्म लघु इकाई द्वारा यदि मशीन भी खरीदने के लिए बैंक से लोन लिया गया है, तो उसके लिए जितना ब्याज दिया जाता है उसके सापेक्ष 50% का ब्याज अनुदान उपलब्ध कराया जाता है, जो जिसकी अधिकतम सीमा ₹1 लाख प्रतिवर्ष है एक लाख रुपए प्रति वर्ष है इसके अतिरिक्त यदि किसी सूक्ष्म लघु इकाई द्वारा कोई भी आइ एस आई आइ एस ओ जी आई या कोई क्वालिटी काउंसिल आफ इंडिया से कोई अन्य मानक से संबंधित प्रमाण पत्र प्राप्त किया जाता है। उसके लिए भी अनुदान उपलब्ध कराया जाता है चाहे वह एगमार्ग ले या fsssi , बीआईएस हॉलमार्क एगमार्क सिल्क मार्क या आयुष विभाग से या कोई भी ऐसा सर्टिफिकेट प्राप्त करें, कि जो की क्वालिटी से संबंधित हो उसके लिए भी छूट प्रदान की जाती है तथा यदि कोई सूक्ष्म या लघु इकाई किसी तकनीकी संस्था से कोई कंसल्टेंसी प्राप्त करती है। जैसे किसी इंजीनियर कॉलेज से आईआईटी बी एच यू या अन्य तकनीकी संस्था से कोई भी वित्तीय परामर्श यदि लेती है, तो उसके लिए जो फीस उनके द्वारा दी जाती है उसके सापेक्ष भी विभाग द्वारा अनुदान प्रदान किया जाता है। उपयुक्त उद्योग वीरेंद्र कुमार द्वारा जनपद के सभी सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों से अपील की गई कि इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं अधिक जानकारी के लिए किसी भी कार्य दिवस में कार्यालय से संपर्क कर लें। कोई भी ऐसी इकाई जो 3 साल पुरानी हो यानी 3 साल से संचालित हो और यदि उनके द्वारा कोई भी मशीन लगाई जाती हैं, जो कि पर्यावरण सुधार करती हो क्वालिटी अपग्रेड करती हो, उत्पाद की या सेवा क्षेत्र से जुड़ी इकाइयां जैसे कोई भी हॉस्पिटल, पैथोलॉजी, अपने यहां पर नई मशीन लगाते हैं तो ऐसे सभी उद्यमी या सेवा प्रदाता इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।
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