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राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित हो विद्यालय में प्रथम आगमन पर नायक की तरह हुआ मधुरिमा तिवारी का स्वागत; कहा- यह सम्मान विद्यालय और इन बच्चों के कारण, हमारा विद्यालय ही हमारी पहचान

मीरजापुर।
देश का सर्वोच्च शिक्षक सम्मान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से प्राप्त करने के उपरान्त पहली बार विद्यालय पहुची प्रधानाध्यापक श्रीमती मधुरिमा तिवारी का विद्यालय पहुंचने पर एक नायक की तरह जोरदार स्वागत किया गया। ऐसा लगा की मातृ शक्ति के रूप में मधुरिमा ने जो मुकाम हासिल किया है, वह मिर्जापुर एवं उत्तर प्रदेश के लिए गौरव का पल है। स्वागत समारोह में बच्चों ने पंखुड़ियां से अपनी राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्रधानाध्यापक को ढंक दिया। खंड शिक्षा अधिकारी नगर पालिका, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष वीरभानु सिंह, किरण सिंह, सत्य प्रकाश, अरविंद तिवारी,शिक्षक ज्ञानेंद्र सिंह, मंजुला सिंह और विद्यालय के अभिभावक और बच्चों ने अपनी प्रधानाध्यापक का जोरदार स्वागत किया। खंड शिक्षा अधिकारी ने कहाकि मधुरिमा हमारे जिले की नहीं, प्रदेश की गौरव है। इन्होंने जिले का नहीं बल्कि प्रदेश का नाम रोशन किया है। इनका कार्य बहुत ही सराहनीय है। विद्यालय के बच्चों के अभिभावकों ने कहाकि ऐसी अध्यापिका, जो विद्यालय में बच्चों का हित सर्वदा सोचती है। हम सभी उनके सम्मान पाने से अपने आप को गौरवान्वित महसूस कर रहे है।
मधुरिमा ने कहा कि यह पुरस्कार मिलने के बाद मेरे ऊपर और भी जिम्मेदारी बढ़ गई है। मेरा विद्यालय हर तरह से विकसित हो, मैं सत प्रतिशत अपना देकर विद्यालय बच्चों को आगे ले जाने का प्रयास करूंगी। इस विद्यालय से ही मेरी पहचान बनी है, आज मैं जो कुछ भी हूं। इस विद्यालय और इन बच्चों के कारण हू। हमारा विद्यालय ही हमारी पहचान है। श्रीमती तिवारी ने बताया कि प्रधानमंत्री जी का मार्गदर्शन पाकर मन और भी आह्लालादित है।

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