0 पांच दिनों में मीरजापुर के विभिन्न स्थानों पर 120 यूनिट रक्तदान हुआ, लगभग 263 लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया, मानव सेवा के संकल्प के साथ अभियान संपन्न
मीरजापुर। ब्रह्माकुमारीज की प्रथम मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि जी की 19वीं पुण्य स्मृति दिवस के अवसर पर देशभर में आयोजित “विश्व बंधुत्व रक्तदान महाअभियान” के अंतर्गत मीरजापुर में लगातार पांच दिनों से चल रहे रक्तदान अभियान का मंगलवार को के.बी.पी.जी. कॉलेज, बी.एड. संभाग, गणेशगंज में आयोजित रक्तदान शिविर के साथ भावपूर्ण समापन हुआ।
दादी प्रकाशमणि जी का संपूर्ण जीवन मानव सेवा, विश्व बंधुत्व, प्रेम, शांति एवं आध्यात्मिक जागृति के लिए समर्पित रहा। उन्होंने ब्रह्माकुमारीज की आध्यात्मिक सेवाओं को भारत से लेकर विश्व के अनेक देशों तक विस्तार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका जीवन पूरी मानवता के लिए प्रकाशस्तंभ रहा। उन्हीं की पुण्य स्मृति को समर्पित करते हुए ब्रह्माकुमारीज मीरजापुर द्वारा इस पांच दिवसीय रक्तदान महाअभियान का आयोजन किया गया।
पांच दिनों में विभिन्न स्थानों पर हुआ रक्तदान
अभियान के दौरान मीरजापुर में विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों एवं सेवा केंद्रों पर रक्तदान शिविर आयोजित किए गए। पांच दिनों में अब तक कुल लगभग 120 यूनिट रक्तदान किया गया, और लगभग 263 लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया। 21 अगस्त को जी.डी. बिनानी पी.जी. कॉलेज, भरूहना, 22 एवं 23 अगस्त: ब्रह्माकुमारीज सेवा केंद्र, प्रभु उपहार भवन शुक्लाहा, 24 अगस्त को बीएचयू साउथ कैंपस, बरकछा, 25 अगस्त को के.बी.पी.जी. कॉलेज बी.एड. संभाग गणेशगंज मे हुआ
अतिथि के रूप में एडिशनल कमिश्नर डॉक्टर विश्राम यादव, मिर्जापुर के सीएमओ सीएमओ डॉक्टर कीर्ति कुमार मिश्रा, नगर पालिका अध्यक्ष श्याम सुंदर केसरी, जिला होमगार्ड कमांडेंट विंध्याचल पाठक सभी ने विशेष रूप से इस अभियान की सराहना की और इसमें प्रतिभाग भी किया और काफी सहयोग किया।
अभियान के अंतिम दिन के.बी.पी.जी. कॉलेज में विद्यार्थियों को रक्तदान के महत्व के प्रति जागरूक किया गया।
दादी प्रकाशमणि को श्रद्धांजलि के साथ हुआ समापन
आज दादी प्काशमणि जी की 19वीं पुण्य स्मृति दिवस के अवसर पर शुक्लहा स्थित प्रभु उपहार भवन में भाई-बहनों ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। दादी जी ने अपना संपूर्ण जीवन ईश्वरीय ज्ञान, राजयोग, आध्यात्मिक मूल्यों एवं मानव सेवा के प्रसार में समर्पित किया। उन्होंने विश्वभर में ब्रह्माकुमारीज की सेवाओं को विस्तार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और लाखों लोगों के जीवन में आध्यात्मिक प्रकाश जगाया।
दादी प्रकाशमणि जी की स्मृति में आयोजित इस रक्तदान अभियान का उद्देश्य उनके विश्व बंधुत्व एवं मानव सेवा के संदेश को समाज तक पहुंचाना रहा। रक्तदान इसी भावना का प्रत्यक्ष उदाहरण है, जिसमें व्यक्ति किसी अनजान जरूरतमंद के जीवन की रक्षा के लिए अपना रक्त देता है।
बी.के. बिंदु दीदी जी ने कहा कि “रक्तदान मानव सेवा का महान कार्य है। एक स्वस्थ व्यक्ति द्वारा किया गया रक्तदान किसी जरूरतमंद के जीवन को बचाने का माध्यम बन सकता है। दादी प्रकाशमणि जी ने अपना पूरा जीवन मानवता की सेवा और विश्व बंधुत्व की भावना को मजबूत करने में लगाया। उनकी पुण्य स्मृति में रक्तदान करना उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।”





