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ब्रह्माकुमारीज के प्रभु उपहार भवन में भव्य एवं दिव्य श्रीकृष्ण जन्माष्टमी उत्सव का हुआ आयोजन

मिर्जापुर। ब्रह्माकुमारीज के प्रभु उपहार भवन में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व बड़े ही हर्षोल्लास, उमंग एवं आध्यात्मिक वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर श्री राधे-कृष्ण की मनमोहक झांकी तथा पालने में बाल कृष्ण का सुंदर बाल स्वरूप सजाया गया, जिसने सभी का मन मोह लिया।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय की कुलपति श्रीमती शोभा गौर जी तथा विशिष्ट अतिथि जिला जज श्री सत्य प्रकाश जी, मोटर क्लेम से डॉ. रविन्द्र कुमार द्विवेदी जी एवं स्नेहलता जी का तिलक-चंदन, अंगवस्त्र एवं पुष्प द्वारा स्वागत-सम्मान किया गया। दीप प्रज्वलन एवं श्री राधे-कृष्ण की आरती के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।

इस अवसर पर बच्चों ने कृष्ण भक्ति से ओत-प्रोत अनेक मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। कृष्ण कृष्ण गीत में काश्वी, प्रिंशिका एवं माही; कान्हा सो जा जरा में श्रेयांशी, साक्षी, प्रिंशिका एवं माही; हरे कृष्ण हरे में काश्वी; राधा गोरी गोरी में अनुष्री एवं काश्वी; डांडिया रासलीला में उन्नति, अनामी, अंकिता, परिधि, काश्वी एवं अनुष्री तथा श्रीकृष्ण आधारित नाटक में उन्नति, अनामी, अंकिता, परिधि, काश्वी, अनुष्री, प्रिंशिका, माही, श्रेयांशी, हर्षिता एवं आराध्या ने शानदार प्रस्तुति दी।

प्ले-वे स्कूल के बच्चों ने भी ‘कान्हा कान्हा बोले मन ये बावरा’ गीत पर अज़मीना, अफ़शीन, नियति, हिदायत एवं वैष्णवी तथा ‘बांसुरी वाले से दिल लगाके देख ले’ पर अनुप्रिया, आराध्या सानी, आराध्या एवं स्वर्णिमा ने सुंदर प्रस्तुति दी।

कार्यक्रम में 21 से 25 अगस्त तक आयोजित विश्व बंधुत्व रक्तदान अभियान में सहयोग करने वाले विंध्य फाउंडेशन ट्रस्ट के सहयोगियों एवं रक्तवीरों को अतिथियों द्वारा विशेष रूप से सम्मानित किया गया। सभी बच्चों को अतिथियों द्वारा उपहार भी प्रदान किए गए।

मुख्य अतिथि श्रीमती शोभा गौर जी ने कहा कि प्रभु उपहार भवन में आकर उन्हें अत्यंत दिव्य अनुभूति हुई। बाल कृष्ण के सुंदर स्वरूप को स्पर्श कर उन्हें ऐसा लगा मानो सतयुग में भी उन्होंने श्रीकृष्ण के बाल रूप को इसी प्रकार स्पर्श किया हो। उन्होंने ब्रह्माकुमारीज की सेवाओं की सराहना करते हुए निरंतर जुड़े रहने की इच्छा व्यक्त की।

ब्रह्माकुमारीज ने जन्माष्टमी के आध्यात्मिक संदेश को साझा करते हुए कहा कि श्रीकृष्ण पवित्रता, प्रेम, शांति एवं दिव्य गुणों के प्रतीक हैं। सच्ची जन्माष्टमी तभी सार्थक है, जब हम उनके श्रेष्ठ गुणों को अपने जीवन में धारण करें मंच का संचालन बीके महिमा दीदी ने किया और सेवा केंद्र प्रभारी बीके बिंदु दीदी जी ने सभी आए अतिथियों एवं भाई बहनों का आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम में नगर के सैकड़ों गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। अंत में सभी को प्रसाद वितरित किया गया। पूरा प्रभु उपहार भवन श्री राधे-कृष्ण की दिव्य स्मृति, प्रेम, भक्ति और आध्यात्मिक उमंग से सराबोर रहा।

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