32वी राष्ट्रीय बाल विज्ञान कॉंग्रेस हेतु शिक्षकों संग की ऑनलाइन गोष्ठी
मीरजापुर। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार परिषद भारत सरकार द्वारा संचालित राष्ट्र व्यापी गतिविधि राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के 32वे आयोजन में गुणवत्तापूर्ण प्रोजेक्ट प्रस्तुत करने हेतु विज्ञान शिक्षकों की ऑन लाइन गोष्ठी आयोजित की गयी। गोष्ठी में कुल विभिन्न बोर्डो के 74 अध्यापको ने प्रतिभागिता कर जानकारी ली।राज्य समन्यवयक पूर्वी उत्तर प्रदेश डॉक्टर एस के सिंह ने कहा कि आप लोगो ने जिस तरह से बच्चो के अधिक से अधिक प्रोजेक्ट पंजीकृत कराकर पूर्वी उत्तर प्रदेश को देश में प्रथम स्थान दिलाया। उसी तरह से अच्छे प्रोजेक्ट बच्चो के प्रस्तुत कराने की तैयारी करे। राज्य ए केडमिक समन्यवयक डॉक्टर विजय कुमार ने राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के कार्यक्रम में प्रस्तुत करने के लिए दैनिक नंदिनी बनाने के तरीके, प्रोजेक्ट लिखने के सभी 12 पॉइंट्स को विस्तार पूर्वक लिखने की विधि बताई। साथ ही प्रोजेक्ट फ़ाइल के साथ चार पोस्टर बनाने की विधि तथा इसके माध्यम से प्रोजेक्ट प्रस्तुत करने की विधि बताई। जनपद एकेडमिक समन्यवयक डॉक्टर जय पी राय ने आंकड़े के विश्लेषण एवं परिणाम लिखने की विधि बताया। डॉ. एस एन सिंह ने मिट्टी एवं जल से संबंधित जनपद के सभी क्षेत्र के डाटा संग्रह करने की विधि बताई। राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के जिला समन्यव्यक सुशील कुमार पाण्डेय ने बताया कि इस वर्ष जनपद के 525 ग्रुप के बाल वैज्ञानिको ने इस कार्यक्रम में प्रोजेक्ट प्रस्तुत करने हेतु पंजीकरण कराया है। बेसिक, माध्यमिक एवं सीबीएससी, आईसीएससी बोर्ड के लगभग 165 विद्यालयों के बच्चे इस गतिविधि में प्रतिभागिता करने के लिए पांच उपविषयो में से किसी एक उपविषय पर अपने लघु शोध पत्र स्कूल स्तर, नोडल स्तर पर प्रस्तुत कर जनपद स्तर पर प्रोजेक्ट प्रस्तुत करेंगे। जनपद स्तर का 31अक्टूबर को संभावित है। चयनित लगभग 130 प्रोजेक्ट का मूल्यांकन 20 विषय विशेषज्ञ द्वारा किया जाएगा।


