यूपी टेक्सटाइल कॉन्क्लेव-2026: सीईपीसी ने भी किया प्रतिभाग
0 सीएम योगी आदित्यनाथ के समक्ष उठी समर्पित कालीन नीति’ की मांग
मीरजापुर। गांधी प्रतिष्ठान भदोही में आयोजित दो दिवसीय यूपी टेक्सटाइल कॉन्क्लेव-2026 में भदोही समेत प्रदेश के कालीन उद्योग के लिए एक समर्पित कालीन नीति’ की पुरजोर मांग उठी। कॉन्क्लेव के शुभारंभ पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के अग्रणी वस्त्र एवं परिधान उद्यमियों के साथ संवाद किया।
राउंड-टेबल बैठक में निवेश, रोजगार सृजन, नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा पर चर्चा हुई। इसी दौरान कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी) के अध्यक्ष कैप्टन मुकेश कुमार गोम्बर एवं उपाध्यक्ष असलम महबूब ने मुख्यमंत्री के समक्ष ‘कालीन नीति’ की मांग रखी। उन्होंने कहा कि एक व्यापक नीति से कालीन उद्योग को नीतिगत और संस्थागत सहयोग मिलेगा, निर्यात बढ़ेगा, कारीगर-बुनकर सशक्त होंगे और यूपी के हस्तनिर्मित कालीनों की समृद्ध शिल्प विरासत को वैश्विक बाजार में नई पहचान मिलेगी। नीति में इन्फ्रास्ट्रक्चर, कौशल विकास, डिजाइन-तकनीकी उन्नयन, गुणवत्ता सुधार, क्लस्टर विकास, मार्केटिंग सहायता और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच पर फोकस जरूरी है। दूसरे दिन शिल्प से वैश्विक बाजार तक: यूपी के हस्तशिल्प एवं हस्तनिर्मित उत्पादों के निर्यात का रोडमैप विषय पर पैनल चर्चा हुई, जिसकी अध्यक्षता खेल एवं युवा कल्याण मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने की। पैनल में सीईपीसी उपाध्यक्ष असलम महबूब ने घटते बुनकरों-कारीगरों की समस्या उठाई।
उन्होंने मांग की कि हस्तनिर्मित कालीन बुनकरों को पावरलूम की निर्धारित दर पर बिजली दी जाए।
कारीगरों के लिए स्किल डेवलपमेंट और नए डिजाइन की ट्रेनिंग हो। नई पीढ़ी को जोड़ने के लिए रोजगार, प्रशिक्षण, सरकारी योजनाओं और बीमा का लाभ दिया जाए। पैनल में नवाचार, गुणवत्ता मानकीकरण, प्रमाणन, ई-कॉमर्स के जरिए निर्यात, जीआई आधारित प्रचार, शिल्प समूहों का विकास, आधुनिक पैकेजिंग और सामान्य सुविधा केंद्रों (सीएफसी) से जोड़ने पर सहमति बनी।


