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शत प्रतिशत गांव में जल न पहुंचने पर अधिकारियों को जल शक्ति मंत्री ने लगाई फटकार – अष्टभुजा निरीक्षण गृह में बैठक कर जल जीवन मिशन कार्य प्रगति की की समीक्षा

बैठक के दौरान विभिन्न ग्राम सभाओं के 12 ग्राम प्रधानों से मोबाइल पर वार्ता कर जानी पेयजल आपूर्ति की हकीकत

पुरानी पेयजल परियोजनाओं के बारे में भी ली जानकारी

मीरजापुर 20 सितम्बर 2026 – प्रदेश के जल शक्ति मंत्री सिंचाई एवं जल संसाधन बाढ़ नियंत्रण परती भूमि विकास, लघु सिंचाई, नमामि गंगे एवं जलापूर्ति विभाग उ.प्र. स्वतंत्र देव सिंह ने आज अष्टभुजा निरीक्षण गृह में मा. जनप्रतिनिधिगण व जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार, मुख्य विकास अधिकारी विशाल कुमार व जल जीवन मिशन ग्रामीण के अधिकारियों के साथ बैठक कर कार्य प्रगति की समीक्षा की।समीक्षा के दौरान शत प्रतिशत गांवों में जलापूर्ति न होने पर मा. मंत्री ने अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता व संबंधित कार्यदायी एजेंसियों पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देशित किया कि अक्टूबर माह के अंत तक हर घर में सुबह व सायं दोनों समय नल से जल पहुंचाना सुनिश्चित करें, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।बैठक में मा. विधायक मड़िहान रमाशंकर सिंह पटेल, मझवां सुचिस्मिता मौर्या, जिलाध्यक्ष भाजपा लाल बहादुर सरोज, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद मीरजापुर श्याम सुन्दर केसरी, जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार, मुख्य विकास अधिकारी विशाल कुमार, अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे विजेता व जल जीवन मिशन, विद्युत विभाग के सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।बैठक में मा. मंत्री ने अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे को निर्देशित करते हुए कहा कि एक सप्ताह के अंदर प्रत्येक गांव की समीक्षा कर यह आख्या उपलब्ध कराएं कि किन-किन गांवों में पेयजल आपूर्ति की क्या समस्याएं हैं तथा संबंधित एजेंसी से प्रत्येक दिन सायंकाल समीक्षा करते हुए समस्या का समाधान कराएं, यदि संबंधित एजेंसी व विभागीय अधिकारी के द्वारा लापरवाही बरती जा रही है तो एफआईआर दर्ज कर कार्यवाही हेतु संस्तुति करें।इस दौरान मंत्री जी द्वारा जल जीवन मिशन के प्रत्येक ग्राम पंचायत/राजस्व ग्रामों में पानी की टंकियों के निर्माण, पेयजल आपूर्ति, प्रत्येक एजेंसीवार हाउस कनेक्शन, नियमित जलापूर्ति, विद्युत आपूर्ति की स्थिति, प्रत्येक टंकियों पर ऑपरेटर व स्टाफ की नियुक्ति आदि के बारे में विस्तृत जानकारी लेते हुए कहा कि नियमानुसार गांव स्तर पर स्टाफ की तैनाती की जाए। प्रत्येक टंकी/ट्यूबवेल पर पम्प ऑपरेटर की तैनाती सुनिश्चित कराई जाए। जहां भी लीकेज की समस्या आ रही हो उसे भी प्राथमिकता पर ठीक कराया जाए। उन्होंने कहा कि शत प्रतिशत गांव के प्रत्येक घरों में पानी पहुंचाना केन्द्र व प्रदेश सरकार की मंशा है, इसमें किसी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।मा. जल शक्ति मंत्री ने अष्टभुजा निरीक्षण गृह में हो रही बैठक से ही जनपद में संचालित 09 परियोजनाओं के 06 एजेंसियों के अधिकारियों से अपने-अपने क्षेत्र के दो-दो ग्राम प्रधान से फोन मिलवाकर तथा मा. दोनों विधायकों के द्वारा भी उनके क्षेत्र के ग्राम प्रधान, कुल मिलाकर 12 ग्राम प्रधानों से मोबाइल पर सीधा संवाद कर पेयजल आपूर्ति व उनमें आने वाली समस्याओं के बारे में जमीनी हकीकत जानी। जिसमें से तीन ग्राम प्रधानों द्वारा शत प्रतिशत पेयजल आपूर्ति तथा कुछ के द्वारा पाइप लीकेज के कारण 90 प्रतिशत आपूर्ति बताया गया।मा. मंत्री ने कहा कि पाइप लीकेज की सूचना मिलने पर तत्काल ठीक कराया जाए तथा गांव में अंतिम छोर तक पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित कराएं। उन्होंने कहा कि विद्युत कटौती के दौरान जनरेटर चलाकर पानी की आपूर्ति की जाए।इस अवसर पर जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने जल जीवन मिशन के बारे में विस्तृत रूपरेखा व समस्याओं के बारे में भी मा. मंत्री के समक्ष रखा। अंत में अधिशासी अभियंता जल निगम ग्रामीण ने मा. जल शक्ति मंत्री सहित सभी अतिथिगण का आभार प्रकट करते हुए आश्वस्त किया कि बैठक में दिए गए प्रत्येक बिन्दु का अनुपालन सुनिश्चित कराते हुए ससमय आख्या मा. मंत्री जी को उपलब्ध कराई जाएगी।

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