मीरजापुर। जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने गुरूवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद के किसानों विशेषकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रो के कृषको के नुकसान फसलों का नियमानुसार फसल बीमा का मुआवजा दिलवाने के दृष्टिगत सभी बैंको के पदाधिकारियों के साथ कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक कर निर्देशित करते हुए कहाकि बैंको में कृषको के खाता संख्या से उनका फसल बीमा प्रीमियम की राशि जमा करते हुए पोर्टल पर आगामी 14 अगस्त 2025 तक शत प्रतिशत पोर्टल पर अपलोड करे ताकि कृषको फसल नुकसान का मुआवजा बीमा कम्पनियों के माध्यम से दिलवाया जा सकें। जिलाधिकारी ने बैठक में जिला कृषि अधिकारी द्वारा दिए गए बैंकवार किसानों के खाता के अनुसार जमा फसल बीमा प्रीमियम व पोर्टल पर अपलोड प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि यदि उपरोक्त निर्धारित तिथि तक बैंकर्स द्वारा बीमा की प्रीमियम राशि का काटकर जमा करते हुए अपलोड नहीं की जाती है तो सम्बन्धित बैंकर्स के विरूद्ध उनके उच्चाधिकारियों को पत्राचार करते हुए कार्यवाही कराई जाएगी।
उन्होंने कहाकि कोई भी कृषक जो बीमा करा चुका है और उसका प्रीमियम नहीं कटता है, तो सम्बन्धित बैंक को उत्तरदायी माना जाएगा। उन्होंने बीमा कम्पनी के प्रतिनिधि को निर्देशित करते हुए कहा कि कृषको के सफल नुकसान का मुआवजा ससमय उपलब्ध कराया जाए।
इस अवसर पर मुख्य कोषाधिकारी अर्चना त्रिपाठी ने बैंकर्स के पदाधिकारियों से कहा कि ऐसे सेवानिवृत्ति अधिकारियों, कर्मचारी जो पेंशन प्राप्त कर रहे है बैंकर्स यह सुनिश्चित करे कि यदि पेंशनर्स के खाते से तीन महीना तक अनवरत कोई लेने देने नही किया जाता है उसकी सूचना तत्काल उपलब्ध कराएं। बैठक में जिला कृषि अधिकारी अवधेश यादव, प्रबंधक लीड बैंक के अलावा सभी बैंको के सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहें।

जनता दर्शन में आए फरियादियों की जिलाधिकारी ने सुनी समस्याएं
मीरजापुर। जन समस्याओं के त्वरित निस्तारण के दृष्टिगत कलेक्ट्रेट में आयोजित जनता दर्शन में पहुंचे फरियादियों की समस्याओं को जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार द्वारा सुनी गई। जिलाधिकारी ने समस्याओं को गम्भीरता पूर्वक देखते हुए सम्बन्धित अधिकारियों से वार्ता कर निर्देशित किया कि कलेक्ट्रेट जनता दर्शन से भेजे गए शिकायती प्रार्थना पत्रों अथवा सम्बन्धित अधिकारी के पास जनता दर्शन में पहुंचे फरियादियों की समस्याओं को गम्भीरता से लेते हुए संतुष्टिपरक ढंग से निस्तारण करे ताकि फरियादी को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाना पड़ें।



