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मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों हेतु पर्यावरण, सामाजिक और ईएसजी पर हुई कार्यशाला; यूपीएसआईसी, यूपीकॉन एवं जिला उद्योग केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुई ईएसजी कार्यशाला

0 उद्यमियों को दी गई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को अपग्रेड, स्केल अप और डिजिटाइजेशन करने एवं सरकारी योजनाओं की सम्पूर्ण जानकारी
मीरजापुर।  
सोमवार, 25 अगस्त को यूपीएसआईसी, यूपीकॉन एवं जिला उद्योग केंद्र, मिर्जापुर द्वारा जनपद के मुख्य विकास भवन सभागार, मिर्जापुर में पर्यावरण, सामाजिक और शासन (ईएसजी) विषय पर महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन मुख्य अतिथि वीरेन्द्र कुमार संयुक्त आयुक्त उद्योग विंध्याचल मंडल मिर्जापुर तथा उपायुक्त उद्योग जिला उद्योग एवं उद्यमिता विकास केंद्र, मिर्जापुर तथा आशुतोष पाठक , उपायुक्त उद्योग, जिला उद्योग एवं उद्यमिता विकास केंद्र भदोही द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। कार्यशाला में रेसिंग एंड अक्सिलेरेटिंग एम०एस०एम०ई० परफॉरमेंस (रैंप) की जानकारी प्रदान करते हुए बताया गया कि यह योजना विश्व बैंक द्वारा सहायता प्राप्त कार्यक्रम है जिसका मुख्य उद्देश्य भारत में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एम०एस०एम०ई०) के प्रदर्शन में सुधार करना है।
यह योजना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा अनुमोदित एवं सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा कार्यान्वित है। रैंप योजना के कई अन्य उद्देश्य हैं, जिनमें एम०एस०एम०ई० के लिए बाजार और ऋण उपलब्धता में सहायता, केंद्रीय और राज्य स्तर पर संस्थानों और शासन को मजबूत करना, केंद्र-राज्य संबंधों और साझेदारी में सुधार, विलंबित भुगतान के मुद्दों का समाधान इत्यादि शामिल हैं।
रैंप योजनान्तर्गत ही पर्यावरण, सामाजिक और शासन (ईएसजी) के बारे में बताते हुए मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को अपग्रेड, स्केल अप और डिजिटाइजेशन करने एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर जागरूक किया गया। इसके अतिरिक्त एमएसएमई पॉलिसी 2022, प्लेज पार्क, टेक्निकल अपग्रेडेशन एवं जेड पर भी विनिर्माण उद्योगों को जानकारी प्रदान की जायेगी।
इस दौरान यूपीकॉन के ट्रेनर/एक्सपर्ट संजय कुमार रस्तोगी ने कहा कि यह योजना आधुनिकीकरण को देखते हुए उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह योजना न केवल युवाओं को उनके व्यवसायिक सपनों को साकार करने में मदद कर रहा है अपितु राज्यों के छोटे व्यवसायों और उद्यमशीलता को भी बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने कहा कि कार्यशाला एमएसएमई को उनके उत्पाद और प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने, जिलास्तर से अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने और सतत विकास प्राप्त करने में मदद करेगी।
ट्रेनर/एक्सपर्ट संजय कुमार रस्तोगी द्वारा यूपी एमएसएमई पॉलिसी-2022 में मिलने वाले लाभों के प्रावधानों पर विस्तृत रुप से चर्चा करते हुए निर्यातकों एवं मैन्युफैक्चरिंग उद्यमियों को इसके संबंध में जानकारी दी गई। वहीं वैश्विक स्तर पर अपनाई जाने वाली पर्यावरण, सामाजिक और शासन (ईएसजी) प्रथाओं का उद्योग में महत्व पर प्रकाश डाला। साथ ही जीरो डिफेक्ट और जीरो डिफेक्ट (जेड) प्रमाणन के माध्यम से उद्योग में कम लागत पर अधिकतम उत्पादन की प्रक्रिया की जानकारी भी दी गई। तदोपरांत तकनीकी उन्नयन और प्लेज पार्क से संबंधित जानकारी प्रदान करते हुए उपलब्ध वित्तीय सहायता की जानकारी दी।
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित वीरेन्द्र कुमार ने एमएसएमई विकास के लिए केंद्र और राज्य सरकार की प्रमुख लाभकारी योजनाओं जैसे- मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, ओ०डी०ओ०पी०, मार्जिन मनी योजना, मुक्यमंत्री युवा उद्यमी अभियान योजना आदि विभिन्न स्वरोजगार के लिए चलायी जा रही योजनाओ के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गयी l
श्री जितेंद्र कनौजिया डिस्ट्रिक्ट कोर्डिनेटर, यूपिकॉन द्वारा डिजिटल मार्केट की अत्यधिक उपयोग करने से संबंधित विस्तृत जानकारी प्रदान की गई जिससे आधुनिक उद्योग में बढ़ावा प्राप्त हो सकेगा तथा कार्यशाला में ईएसजी सर्टिफिकेट का भी वितरण किया गया। कार्यक्रम में सुनील कुमार, श्रीकांत, सत्यम विश्वकर्मा, राकेश दुबे, संजय शर्मा, अरविंद कुमार, रवि कुमार, कंचन देवी आदि सफल मैन्युफैक्चरिंग उद्यमी तथा उद्योग संगठनों के वरिष्ठ पदाधिकारीगण व अधिक संख्या में उद्यमीगण उपस्थित रहे।

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