मीरजापुर। शारदीय नवरात्र के पहले दिन करीब 4लाख श्रद्धालुओं ने मां विंध्यवासिनी के दरबार में हाजिरी लगाकर आशीर्वाद प्राप्त किया। सुबह से ही मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में भक्तों की भारी भीड़ देखी गई। पुरानी वीआईपी मार्ग, नई वीआईपी मार्ग, सदर बाजार, पक्का घाट और जयपुरिया गली में दोपहर तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। गंगा घाट की ओर जाने वाली गलियां भी भक्तों से खचाखच भरी रहीं, जहां श्रद्धालुओं ने शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से गंगा स्नान और दान-पुण्य किया।
मंदिर प्रशासन और स्थानीय पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए व्यापक इंतजाम किए थे। धाम कंट्रोल रूम से उद्घोषक यंत्रों के माध्यम से लगातार बिछड़े हुए लोगों को उनके परिजनों से मिलाने का कार्य किया गया। इस व्यवस्था ने कई परिवारों को राहत दी, जो भीड़ में एक-दूसरे से बिछड़ गए थे। मंदिर परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, जिससे किसी भी अप्रिय घटना की कोई खबर नहीं आई।
स्थानीय दुकानदार भी इस भीड़ से खासे संतुष्ट नजर आए। पूजा सामग्री, प्रसाद, और अन्य वस्तुओं की दुकानों पर भारी बिक्री हुई। एक दुकानदार रमेश कुमार ने बताया, “नवरात्र का पहला दिन हमारे लिए बहुत अच्छा रहा। भक्तों की भीड़ से व्यापार को काफी बढ़ावा मिला।” मंदिर के आसपास के होटल और ढाबों में भी रौनक देखी गई।
गंगा घाट पर स्नान के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी। श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित किया और मां विंध्यवासिनी को चुनरी, फूल, और प्रसाद चढ़ाया। प्रशासन ने स्वच्छता और सुरक्षा को प्राथमिकता दी, जिससे भक्तों को किसी तरह की असुविधा न हो।
जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने भी मां विंध्यवासिनी देवी के धाम विंध्याचल में नवरात्रि के प्रथम दिन पक्का घाट, कोतवाली गली, पुरानी वी0आई0पी0, न्यू वी0आई0पी0, परिक्रमा पथ का भ्रमण कर निरीक्षण किया। इस दौरान जिलाधिकारी ने अधिशासी अधिकारी नगर को पालिका दूरभाष पर वार्ता कर निर्देशित किया कि साफ सफाई का विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि कहीं पर भी गंदगी नहीं हो।



