मीरजापुर।
थाना जिगना पर युवती से सामूहिक दुष्कर्म की घटना से सम्बन्धित अभियोग में पुलिस द्वारा प्रभावी पैरवी करते हुए गवाहों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर गवाही करायी गयी। जिसके परिणाम स्वरूप न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश, पॉक्सो एक्ट, मीरजापुर द्वारा दोषसिद्ध 4 अभियुक्तों को 21-21 वर्ष के सश्रम कारावास एवं ₹ 10-10 हजार के अर्थदण्ड की सजा सुनायी गयी।
अभियोजन के अनुसार 16 अक्टूबर 2023 को थाना जिगना क्षेत्रान्तर्गत निवासिनी एक महिला द्वारा नामजद अभियुक्तों के विरुद्ध वादिनी की 19 वर्षीय पुत्री के साथ दुष्कर्म करने तथा जान से मारने की धमकी देने के सम्बन्ध में लिखित के आधार पर थाना जिगना पर अपराध संख्या -147/2023 धारा 376,506 भादवि पंजीकृत कर विवेचना एवं साक्ष्य संकलन की कार्यवाही करते हुए नामजद अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया तथा अभियोग में आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया था।
“सोमेन बर्मा” वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा “ऑपरेशन कन्विक्शन” तथा वर्तमान में चल रहे मिशन शक्ति अभियान 5.0 के तहत उक्त महिला सम्बन्धित अपराध की घटना को प्राथमिकता देते हुए थाना जिगना पुलिस एवं मॉनीटरिंग सेल को निर्देशित करते हुए गुणवत्तापूर्ण तथा सशक्त एवं प्रभावी पैरवी कराकर समक्ष साक्ष्यों को समयबद्ध रुप से न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
अभियोजन अधिकारी-एडीजीसी पंकज कुमार सिंह, विवेचक- निरीक्षक शैलेश कुमार राय, कोर्ट मुहर्रिर- मुख्य आरक्षी संजीव कुमार यादव तथा पैरोकार- मुख्य आरक्षी रविकान्त यादव द्वारा प्रभावी पैरवी की गई, जिसके फलस्वरूप गुरूवार, 16 अक्टूबर को न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मीरजापुर-चन्द्रगुप्त यादव द्वारा अन्तर्गत धारा 376डी, 506, 323 भादवि में दोषसिद्ध 4 अभियुक्तों मंगला पुत्र संगम लाल, सचिन सरोज पुत्र मुन्नू सरोज, रोहित बिन्द पुत्र शिवमंगल निवासीगण ग्राम चकिया बजटा थाना जिगना जनपद मीरजापुर व लकी उर्फ इन्द्रेश बिन्द पुत्र राममूरत निवासी यादवपुर थाना जिगना जनपद मीरजापुर को 21-21 वर्ष के सश्रम कारावास एवं ₹ 10-10 हजार के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। अर्थदण्ड अदा न करने की दशा में 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा ।



