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बेचूबीर में भूतों का मेला, जहाँ 3 दिनो तक नाचते हैं कई राज्यों के भूत 

0 प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए और मेले क्षेत्र को कई जोन और सेक्टरों में बांटा
अहरौरा, मीरजापुर।
अहरौरा क्षेत्र मे तीन दिवसीय ऐतिहासिक बेचूबीर मेला प्रारंभ हो गया है, जिसका दो नवम्बर की भोर में मनरी बजने के बाद समापन किया जाएगा। यहा तीन दिनों तक कई राज्यों के भूतों का मेला लगता है। लाखों की संख्या में बेचूबीर बाबा के धाम में पहुंचकर श्रद्धालु दर्शन पूजन करते हैं। मान्यता है कि बेचूबीर धाम में दर्शन पूजन करने के बाद भूत, प्रेत व डायन से मुक्ति तो मिलती ही है, साथ ही संतान की प्राप्ति भी होती है। जिसको लेकर बिहार, झारखंड व छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश सहित अन्य प्रांतों से भक्त यहा पहुंचते हैं।
 
     बेचूबीर धाम में हर वर्ष तीन दिन तक कई प्रान्तों के भूतों का मेला लगता है। पहाड़ी पर बाबा की चौरी का दर्शन करने के बाद भूत नाचने लगते हैं। करीब 350 वर्षों से यह मेला लगातार चला आ रहा है। 
 
 मान्यता है कि बेचूबीर धाम में दर्शन करने के बाद लोगों को कथित तौर पर भूत, प्रेत व डायन जैसी बाधाओं से मुक्ति मिलती है। यही नहीं इसके साथ ही संतान की भी प्राप्ति होती है। बेचूबीर बाबा जो कि भगवान शिव के बहुत बड़े भक्त थे, यहां बरही जंगल में भैस चराने के लिये जाते थे। एक दिन बेचूबीर बाबा के ऊपर भैस चराते हुए शेर ने हमला कर दिया, जहां बेचूबीर बाबा घायल हो गए। बेचूबीर बाबा घायलावस्था में गांव में पहुंचे थे, जहां पर उनकी मृत्यु हो गई।
 
बेचूबीर बाबा की मृत्यु हो जाने के बाद ग्रामीणों के द्वारा चौरा बनवाकर पूजन अर्चन शुरू किया, जहां धीरे धीरे यहां पूर्वांचल ही नही बल्कि बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ से भी श्रद्धालु पहुँचते है। बेचूबीर मंदिर के पुजारी बृजभूषण यादव ने बताया कि बेचूबीर बाबा को भगवान शिव से वरदान मिला हुआ था, जहां शेर के हमले में तीन दिनों तक लड़ने के बाद उनकी मृत्यु हो गई। हर वर्ष कार्तिक माह के तीन दिन नवमी, दशमी व एकादशी को विशाल मेला का आयोजन होता है, जहां इस मेले में लोग संतान प्राप्ति सहित अन्य दोष बाधा से मुक्ति पाने को लेकर आते है।
 
 
बरही मां के दरबार में उमड़ती है भीड़
बेचूबीर बाबा के दरबार में दर्शन करने के बाद भक्त बरही माता का दर्शन करते है। मान्यता है कि बेचूबीर बाबा की मृत्यु की खबर जैसे ही बरही माता को मिली एक किलोमीटर दूर सती हो गई। श्रद्धालुओं की आस्था- मान्यता है कि भक्सी नदी में स्नान करने, भीगे कपड़े वहीं छोड़कर बाबा के दर्शन करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। थाना प्रभारी निरीक्षक सदानंद सिंह ने बताया कि बेचूबीर मेले में भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं और मेले क्षेत्र को दो सेक्टरों में बांटा गया है। जो 13 थानों के सब इंस्पेक्टर मेला क्षेत्र का निगरानी करेंगे।
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