सम्मानित किसान साथियों,
मोंथा चक्रवाती तूफान ने किसानों की कमर तोड़ दी है ।धान की फसल पूर्णतया बर्बाद हो चुकी है। धान की पैदावार न होने से किसान भीषड़ आर्थिक संकट में फ़स गया है, जिसके चलते रबी की खेती करने में भी घोर आर्थिक संकट होगा। बेमौसम वर्षात के कारण रबी की बुवाई बिशेष कर दलहन, तिलहन की सही समय से नही हो सकेगी।स्पष्ट है कि खरीफ की फसल तो बर्बाद होही गई है, रबी की यदि खेती हो भी गई, तो उत्पादन काफी प्रभावित होगा।
ऐसी स्थिति में हम किसानों को सरकारी सहायता नितान्त आवश्यक होगई है। मेरे विचार से सरकार का ध्यान इस आपदा की ओर आकृष्ट कराने तथा आर्थिक सहयोग के लिए कुछ प्रयास हम किसानों को भी करना चाहिए।
1- जिन किसान बंधुओं ने खेती के लिए किसी भी ऋणदाई संस्था (बैंक या समिति) से ऋण लिया हो और उन्होंने फसल बीमा न करने का पत्र संस्था को न दिया हो, तो तत्काल फसल बीमा के टोल फ्री न0 14447 पर दे दें। सूचना देते समय अपना आधार कार्ड साथ रखे, क्योकि उसका नम्बर भी बताना होगा। लिखित सूचना जनपद के कृषि उपनिदेशक को भी दें।
2- ब्यक्तिगत या अपने गाँव के किसानों द्वारा सामूहिक प्रार्थनापत्र माननीय मुख्यमंत्री जी के पोर्टल पर भेजें ,जिसमे फसल क्षति की बर्बादी का निरीक्षण कराकर तत्काल आर्थिक सहायता देने का आग्रह किया जाय, जिसमे निम्न बिंदुओं का उल्लेख किया जासकता है।
°A- वर्तमान खरीफ सत्र में कृषि के लिए लियागया समस्त ऋण माफ किया जाय ।
°B- रबी की खेती के लिए आवश्यक खाद -बीजआदि निःशुल्क वितरित कियाजाय अथवा इसके लिए आवश्यक धन किसानों को शीघ्र उपलब्ध कराया जाय।
इसके अतिरिक्त आपलोग और जो कुछ उचित समझे उचित फोरम पर अपनी समस्या रखने का कष्ट करें ।यदि मेरा विचार उचित हो तो इसे अधिकाधिक किसानों तक पहुचाने का कष्ट करें।
धन्यवाद।
रामचेला, प्रांत संगठन मंत्री, भारतीय किसान संघ, काशी प्रांत



