मीरजापुर। पुलिस महानिदेशक उ0प्र0 के निर्देश पर चलाये जा रहे अभियान “ऑपरेशन कन्विक्शन” के तहत “पीयूष मोर्डिया” अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी जोन, वाराणसी के निर्देशन व “आर.पी.सिंह” पुलिस महानिरीक्षक विन्ध्याचल परिक्षेत्र मीरजापुर के नेतृत्व में “सोमेन बर्मा” वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनपद मीरजापुर द्वारा जनपद में महिला सम्बन्धित अपराध सहित लूट, हत्या, डकैती, धर्म परिवर्तन, गोवध अधिनियम व अन्य जघन्य अपराधों में प्राथमिकता के आधार पर लगातार गुणवत्तापूर्ण विवेचना तथा अभियोजन की सशक्त एवं प्रभावी पैरवी करायी जा रही है । उक्त अभियान के क्रम में थाना मड़िहान पर हत्या से सम्बन्धित अभियोग में पुलिस द्वारा प्रभावी पैरवी करते हुए गवाहों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर गवाही करायी गयी। जिसके परिणाम स्वरूप मा0न्यायालय ASJ/EC Act जनपद मीरजापुर द्वारा दोषसिद्ध 04 अभियुक्तों को 05-05 वर्षों का कारावास एवं ₹ 5,000/-5,000/- के अर्थदण्ड की सजा सुनायी गयी।
घटना का संक्षिप्त विवरण
दिनांकः 19.12.2010 को थाना मड़िहान पर वादी नन्दलाल कोल पुत्र जानकी कोल निवासी अतरौरा नौड़िहा लालपुर थाना मड़िहान जनपद मीरजापुर द्वारा लिखित तहरीर दी गयी कि वादी के पुत्र अमरनाथ कोल को अभियुक्तों द्वारा लाठी-डण्ड़ा से मारपीट करने व इलाज के दौरान मृत्यु हो गयी । उक्त के सम्बन्ध में थाना मड़िहान पर मु0अ0सं0-1023/2010 धारा 304,308,323,504 भादवि पंजीकृत कर विवेचना एवं साक्ष्य संकलन की कार्यवाही करते हुए नामजद अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायालय/जेल भेजा गया था। “सोमेन बर्मा” वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मीरजापुर द्वारा “ऑपरेशन कन्विक्शन” के तहत उक्त घटना को प्राथमिकता देते हुए थाना मड़िहान पुलिस एवं मॉनीटरिंग/पैरवी सेल को निर्देशित करते हुए गुणवत्तापूर्ण तथा सशक्त एवं प्रभावी पैरवी कराया गया । अभियोजन अधिकारी-एडीजीसी काशी नाथ दूबे, विवेचक- उप निरीक्षक विरेन्द्र प्रताप सिंह, कोर्ट मुहर्रिर-आरक्षी आशुतोष चन्द्र तथा पैरोकार- आरक्षी मनोज कुमार द्वारा प्रभावी पैरवी की गई । जिसके फलस्वरूप आज दिनांकः 06.11.2025 को मा0न्यायालय ASJ/EC Act. जनपद मीरजापुर –आसिफ इकबाल रिजवी द्वारा दोषसिद्ध 04 अभियुक्तों 1. विरेन्द्र कोल, 2. शकुन्तला कोल, 3. राम प्रताप कोल पुत्रगण राजमन कोल व 4. राकेश कोल पुत्र शकुन्तला कोल निवासीगण अतरौरा नौड़िहा लालपुर थाना मड़िहान जनपद मीरजापुर को अन्तर्गत धारा 304,308,323,504 भादवि में 05-05 वर्षों का कारावास एवं ₹ 5-5 हजार के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया । अर्थदण्ड अदा न करने के स्थिति में अभियुक्तों को 05-05 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा ।



