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अहरौरा बांध का लीकेज 72 घंटे मे बंद न हुआ, तो 10 नवंबर को स्टेट हाइवे करेंगे जाम; 11 नवंबर को सैकड़ों किसान चुनार तहसील में करेंगे विशाल पंचायत और दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की करेंगे मांग

अहरौरा, मीरजापुर। डोंगिया बांध समिति अहरौरा की अति आवश्यक बैठक अहरौरा बांध जलाशय पर लालचंद यादव मानिकपुर की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में किसानों के बार-बार मांग करने के बावजूद भी अहरौरा बांध के मेन कैनाल गेट का निर्माण सिंचाई विभाग द्वारा नहीं किया गया। अहरौरा बांध इस समय केवल सवा दो फीट खाली है। मेन कैनाल के गेट से लगभग 80 से 90 क्यूसेक पानी निकलकर दर्जनों गांव के किसानों की फसले खराब हो रही हैं।

 पंचायत में सहायक अभियंता ऋतुराज पांडे, जेई ओम प्रकाश राय, आनंद बिंद, आनंद मौर्य के मौजूदगी में किसानों से वार्ता के दौरान एसडीओ ने कहाकि साढ़े चार लाख रुपए गेट बनाने में लगें। जून जुलाई माह में गेट मरम्मत करने के बात को स्वीकार किया। मरम्मत के बाद भी लगातार पानी निकलने से फसल आज भी बर्बाद हो रही है। एसडीओ के लुंज पुंज बयान से किसानो में आक्रोश बढ़ा और धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया गया।

 किसानों ने अधिकारियों से कहाकि गेट का मरम्मत 72 घंटे के अंदर लीकेज पूरी तरह से बंद नहीं हुआ तो, धरना अनवरत चलता रहेगा। पानी बंद नहीं होने की दशा में किसान 72 घंटे बाद दिनांक दस नवंबर को स्टेट हाईवे को जाम करने के लिए विवश होंगे। 11 नवंबर को चुनार तहसील मुख्यालय पर विशाल किसान पंचायत कर सिंचाई विभाग के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग होगी।

 बैठक में प्रहलाद सिंह किसान प्रदेश महासचिव, अनिल सिंह मंडल अध्यक्ष, जिला अध्यक्ष कंचन सिंह फौजी, चौधरी रमेश सिंह अन्नदाता मंच, मुकुट धारी सिंह मंडल सदस्य, स्वामी दयाल सिंह कोषाध्यक्ष, परशुराम मौर्य, गोपाल दास गुप्ता, सुरेश सिंह, रामनरेश सिंह, सुभाष चंद्र सिंह, रामविलास सिंह, रामवृक्ष सिंह, बीरबल यादव संरक्षक, जितेंद्र सिंह, नंदलाल भारती, सतीश यादव, ओम प्रकाश मौर्या ,राम सजीवन पाल सहित सैकड़ो किसान उपस्थित रहे।

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