मीरजापुर।
वंदे मातरम् सिर्फ़ एक गीत नहीं, भारत की आत्मा और राष्ट्रभाव का शाश्वत मंत्र है। बंकिमचन्द्र चटर्जी द्वारा रचित यह गीत भारत के स्वतंत्रता संग्राम का प्रेरक बना रहा है। स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आज तक कई पीढ़ियों ने इससे देशभक्ति की प्रेरणा पाई है। वंदेमातरम् के 150 गौरवशाली वर्षों के इस ऐतिहासिक अवसर पर बरकछा स्थित का०हि०वि०वि० के राजीव गांधी दक्षिणी परिसर में 7 नवंबर 2025 को प्रातः 10:00 बजे परिसर में राष्ट्रगीत “वंदे मातरम” का सामूहिक गायन का आयोजन किया गया।
आचार्य प्रभारी प्रोo वीo केo मिश्र जी के निर्देशानुसार, सभी शिक्षक, विद्यार्थी, गैरशैक्षिक कर्मचारी और अधिकारीगण, नव व्याख्यान संकुल में प्रातः 10 बजे राष्ट्र समर्पण की भावना से उपस्थित हुए। राष्ट्रगीत गायन के उपरांत वरिष्ठ शिक्षक प्रोo आशीष सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए देश की आजादी में राष्ट्रगीत के अहम योगदान को समझाया।
इसके साथ ही 10 : 35 पर प्रधानमंत्री के संबोधन के सीधे प्रसारण की व्यवस्था भी की गई। कार्यक्रम का संचालन छात्र सलाहकार डॉo राजीव कुमार ने किया। कार्यक्रम का समन्वय उपमुख्य आरक्षाधिकारी डॉo मनोज मिश्रा ने किया। इस अवसर पर लगभग 300 लोग उपस्थित रहे।



