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सामुदायिक, पौराणिक और सांस्कृतिक मूल्य आधारित एवं बालोपयोगी काव्य संग्रह है “विजय की बाल-कविताएं”

मीरजापुर।
बेसिक शिक्षा विभाग से संचालित कंपोजिट विद्यालय टेढ़ा विकास खंड पहाड़ी में कार्यरत विज्ञान शिक्षक विजय कुमार श्रीवास्तव द्वारा रचित सामुदायिक, पौराणिक और सांस्कृतिक मूल्यों पर आधारित बाल उपयोगी काव्य संग्रह विजय की बाल- कविताएं का प्रकाशन हुआ है। पुस्तक में कुल 32 कविताओं को स्थान दिया गया है, जो भारत के महापुरुषों के बारे में तथा विभिन्न नैतिक विषयों पर आधारित है।

रचनाकार विजय श्रीवास्तव मिर्जापुरी ने बताया कि ये बाल कविताएं समाज में अनुशासन, नैतिक गुण तथा भाईचारा को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। शुभकामना संदेशों के माध्यम से पद्म विभूषण पंडित छन्नूलाल मिश्र, पद्मश्री उर्मिला श्रीवास्तव, सांसद विनोद कुमार बिंद, राज्य मंत्री सोहनलाल श्रीमाली, विधायक शुचिस्मिता मौर्या, संयुक्त शिक्षा निदेशक उदयभान, सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक शेषबाला वर्मा सहित वरिष्ठ साहित्यकार गणेश गंभीर तथा आनंद अमित ने काव्य संग्रह के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचारों को व्यक्त किया है।

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