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स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष 2047 तक हिंदुस्तान को समृद्ध, सक्षम बलशाली और सामर्थ्यशाली राष्ट्र बनाना है: अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख नरेंद्र ठाकुर

0 आरएसएस के अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख ने कहा- संघ अपनी प्रसिद्धी नहीं, दुनिया मे भारत मां की जय जय कार चाहता है
0 राष्ट्रीय युवा दिवस पर युवा व्यवसाई सम्मेलन मे भारी संख्या मे जुटे लोग
मीरजापुर। 
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मीरजापुर की ओर से राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर स्वामी विवेकानंद जी की जयंती/ “युवा-व्यवसायी सम्मेलन- 2026” का आयोजन सोमवार, 12 जनवरी 2026 को सायं नगर के लालडिग्गी स्थित लॉयन्स स्कूल के सभागार मे किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख नरेंद्र ठाकुर, प्रांत संघचालक अंगराज सिंह, कार्यक्रम अध्यक्ष त्रिवेणी अग्रवाल ने स्वामी विवेकानंद के चित्र के समक्ष पुष्पार्चन एवं भारत माता, डा हेडगेवार एवं गुरू जी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन करके किया।
 
 तत्पश्चात रिंकू ने अध्यक्ष त्रिवेणी अग्रवाल, रोहित त्रिपाठी ने प्रान्त संघचालक अंगराज सिंह, सह जिला कार्यवाह नीरज द्विवेदी ने मुख्य वक्ता नरेंद्र ठाकुर, व्यापारी नेता मयंक गुप्ता ने सह प्रान्त प्रचारक सुनील जी का अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह से स्वागत किया। सह जिला कार्यवाह नीरज द्विवेदी ने प्रस्तावना प्रस्तुत कर 100 वर्ष की संघ यात्रा, पंच परिवर्तन आदि पर चर्चा किया। मंच परिचय नगर कार्यवाह लखन अग्रवाल ने कराया। तत्पश्चात जिला पर्यावरण प्रमुख संजय सेठ ने एकल गीत “मेरी मातृभूमि मंदिर है” प्रस्तुत किया।
 
      अपने उद्बोधन मे मुख्य वक्ता आरएसएस के अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख नरेंद्र ठाकुर जी ने कहाकि स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष 2047 तक हिंदुस्तान को बलशाली, समृद्ध, सक्षम और सामर्थ्यशाली राष्ट्र बनाना है। इसकी जिम्मेदारी ‘जिस ओर जवानी चलती है उस ओर जवाना चलता है’ को चरितार्थ कर रहे राष्ट्र के युवाओ की है और इसके लिए युवाओ सहित समस्त नागरिको को ‘राष्ट्र प्रथम’ का भाव रखना होगा। यदि देश का हर व्यक्ति, जो जिस भी क्षेत्र मे है उस क्षेत्र मे “उठो, जागो और लक्ष्य की प्राप्ति तक मत रुको” का भाव आत्मसात करेगा तो हम विश्व के सर्वश्रेष्ठ राष्ट्र बनेंगे। 
 
  श्री ठाकुर ने कहाकि इस वर्ष राष्ट्रीय युवा दिवस स्वामी विवेकानंद को स्मरण करने के साथ ही स्वाधीनता आन्दोलन के ‘वंदे मातरम’ का 150 वां वर्ष, धर्म रक्षार्थ बलिदान देने वाले गुरू तेगबहादुर का 350 वां वर्ष, अंग्रेजो के सामने ने झुककर धर्म परिवर्तन का विरोध करने वाले बिरसा मुंडा का वर्ष और राष्ट्र को परं वैभव और विश्व गुरु की ओर ले जाने के संकल्प के साथ स्थापित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का शताब्दी वर्ष भी है। 
 
     युवा पीढी का दायित्व और कर्तव्य के लिए संघ विविध कार्य कर रहा है। युवा पर ही राष्ट्र का भविष्य टीका हुआ है। युवाओ को सोचना पडेगा कि अपनी पूरी क्षमता के अनुसार राष्ट्र के लिये लगे और भारत को सर्वश्रेष्ठ बनाने मे अपनी भागीदारी तयं करे। हमे अपना और अपने परिवार से नही, बल्कि राष्ट्र के लिए सोचना होगा। कहाकि जो राष्ट्र स्व को भूल जाते है, वहा बाहरी ताकतें बढती है और वह गुलाम बनते है। वेनेजुएला का उदाहरण दिया कि वहा के राष्ट्रपति को भी उठाकर ले जा रहै है। इसलिए हमे राष्ट्र को सशक्त सुरक्षित और समृद्ध बनाना होगा।
 
  श्री ठाकुर ने कहा कि आज हम तततवर है तो उसके पीछे हमारी ताकत है कि हमने विविधताओ को भेद नही, बल्कि शक्ति माना। यहा पश्चिम की तरह राजनीतिक नही। यह देश केवल जमीन का टुकडा नही, बल्कि आसपास का समाज और व्यवस्थित संस्कृति, कला, संगीत, रीति-रिवाज, पर्व, साहित्य ही हमारे राष्ट्र की संकल्पना है, जो समाज द्वारा विकसित हुई है। ‘वसुधैव कुटुंबकम’ एवं ‘कृण्वंतो विश्वमार्यं’ के भाव पर चर्चा करते हुए कहाकि इस राष्ट्र मे जीवन मूल्य को लोगो ने छोडा नही, भले ही कष्ट सहा। सिकंदर से लेकर अंग्रेज तक आए, लेकिन हम तमाम प्रयासो से स्वतंत्र हुए। स्वतंत्रता के 80 साल के बाद आज जितनी प्रगति होनी चाहिए, उतनी नही हुई।
 
  उन्होने कहाकि राजनीतिक जागृति के अभाव मे देश के प्रति भावना समाप्त हुई है। समाज मे फैली कुरीतियो के कारण गुलामी आई, इसलिए समाज मे सुधार के कार्यक्रम होने चाहिए, जाति पंथ छूआछूत अगडा पिछडा बडे छोटे का भेदभाव पूरी तरह से समाप्त होना चाहिए। बताया कि स्वामी विवेकानंद जी ने छुआछूत को देखकर ही केरल को पागलखाने की उपाधि दी थी। सामाजिक कुरीतियो को दूर करने के लिए समाज को स्व की अनुभूति करानी होगी। इसी स्व एवं व्यक्ति निर्माण के लिए और भारत को दुनिया का सर्वश्रेष्ठ देश बनाने के संकल्प के साथ डा साहब ने संघ की स्थापना की। संघ अपनी प्रसिद्धी नहीं दुनिया मे भारत मा की जय जय कार चाहता है। स्व स्वदेशी और स्वाभिमान के आधार पर जीवन चलनी चाहिए, क्योंकि संगठित समाज होगा, तो बाह्य शक्ति विभाजन नही कर पाएंगी। संगठित समाज के कारण ही 500 वर्ष का कलंक हटा और आज राम मंदिर आपके सामने है। भारतीय नागरिक के नाते हमे अपने कर्तव्य का बोध करना होगा। परिवार, समाज, राष्ट्र के लिए अपने दायित्व का निर्वहन करना होगा। पर्यावरण के लिए सोचना होगा। पीपीपी यानि पेड पानी बचाओ प्लास्टिक को हटाओ पर ध्यान देना होगा। अंत मे भारत माता की भव्य आरती के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। 
   
 इस अवसर पर विभाग प्रचारक कौशल किशोर, विभाग कार्यवाह सच्चिदानंद, सह विभाग संपर्क प्रमुख चंद्रमोहन, विभाग धर्म जागरण संयोजक वीरेंद्र मौर्य, जिला प्रचारक रजत प्रताप, जिला कार्यवाह प्रविंद्र, नगर प्रचारक अंजनी कुमार सहित भारी संख्या मे नगर के युवा एवं व्यवसाई उपस्थित रहे। अध्यक्षता वरिष्ठ व्यापारी त्रिवेणी अग्रवाल एवं संचालन विवेक त्रिपाठी ने किया। यह जानकारी कार्यक्रम के प्रचार व्यवस्थापक विमलेश अग्रहरि ने दी है।
 
 
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