मड़िहान, मीरजापुर।
अब न्याय के लिए गरीबों, किसानों, बुजुर्गों और महिलाओं को तहसील-कचहरी के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। वर्षों से अदालतों की सीढ़ियां चढ़ते-उतरते थक चुके ग्रामीणों के लिए उम्मीद की नई किरण जगी है। इसी सोच के साथ तहसील क्षेत्र में विधिक सेवा प्राधिकरण भवन की स्थापना की दिशा में ठोस पहल शुरू कर दी गई है। यह बातें गुरुदेवनगर आश्रम में कम्बल वितरण आयोजन के दौरान जिला जज अरविंद कुमार मिश्र ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि न्याय तभी सच्चा है, जब वह गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
जिला जज ने बताया कि ग्राम न्यायालय के लिए विंध्य विश्व विद्यालय के समीप छह हेक्टेयर में नये भवन का निर्माण जल्द शुरू होने वाला है। साथ ही विधिक सेवा प्राधिकरण भवन के लिए तहसील क्षेत्र के पांच गांवों को चिन्हित किया जाएगा, जहां ग्रामीणों को गांव में ही कानूनी सलाह, निःशुल्क विधिक सहायता, लोक अदालत और विवादों का त्वरित समाधान उपलब्ध कराया जाएगा। यह व्यवस्था खास तौर पर उन लोगों के लिए वरदान साबित होगी, जो गरीबी, अशिक्षा या भय के कारण अदालत तक पहुंच ही नहीं पाते।
पिछड़े क्षेत्र के कई गांवों में आज भी छोटे-छोटे विवाद सालों तक लटके रहते हैं। जमीन, रास्ता, पारिवारिक झगड़े जैसे मामलों में गरीब ग्रामीण न्याय के लिए भटकते रहते हैं। जिला जज अरविंद कुमार मिश्र ने कहा कि न्याय का मतलब केवल फैसला सुनाना नहीं, बल्कि पीड़ित की पीड़ा को समझना और उसे समय पर राहत देना भी है। विधिक सेवा प्राधिकरण भवन के माध्यम से न्याय को गांव की चौखट तक लाने की जल्द कवायद शुरू की जाएगी। इस प्रयास से उन्हें दूर-दराज की अदालतों में जाने के लिए न तो पैसे खर्च करने होंगे और न ही अपमान व डर का सामना करना पड़ेगा। गांव में ही न्याय मिलने से उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे खुलकर अपनी बात रख सकेंगे।
केवल न्याय देने का केंद्र नहीं, बल्कि यह कानूनी जागरूकता का मंच भी बनेगा। यहां लोगों को उनके अधिकारों की जानकारी दी जाएगी, ताकि कोई भी गरीब या कमजोर व्यक्ति अज्ञानता के कारण शोषण का शिकार न हो। ग्रामीणों का कहना है कि यह फैसला उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। वर्षों से दबे दर्द को अब आवाज मिलने की उम्मीद जगी है। न्याय की यह नई शुरुआत, न केवल कानून का भरोसा मजबूत करेगी, बल्कि इंसानियत और संवेदना को भी नया आधार देगी।
जिला जज ने कहा कि जब न्याय संवेदनशील हाथों में होता है, तब वह किताबों से निकलकर लोगों की जिंदगी में उतरता है। अब न्याय दूर नहीं, बल्कि गांव की चौखट पर दस्तक देने वाला है।



