सड़क व लघु सेतु निर्माण में घटिया सामग्री प्रयोग का आरोप; ग्रामीणों में आक्रोश, जांच की की मांग
पड़री (मीरजापुर)।
विकास खंड पहाड़ी क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा कराए जा रहे सड़क व लघु सेतु निर्माण कार्य में मानक के विपरीत सामग्री के उपयोग का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने नाराजगी जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों की अनदेखी कर स्थानीय गिट्टी का प्रयोग किया जा रहा है, जिससे कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग से पथरहा-टेढ़ा संपर्क मार्ग के निर्माण के लिए करीब 2 करोड़ 28 लाख 14 हजार रुपये की लागत से सड़क व लघु सेतु निर्माण कराया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि कार्यदायी संस्था द्वारा शुरुआत से ही मानकों की अनदेखी की जा रही है। सड़क निर्माण में मड़िहान की सफेद गिट्टी के स्थान पर स्थानीय गिट्टी का प्रयोग किया जा रहा है, जो तय मानकों के अनुरूप नहीं है। इससे ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।
ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से क्षेत्र के लोग सड़क और पुल निर्माण की मांग कर रहे थे। मझवां विधानसभा क्षेत्र की विधायक शुचिस्मिता मौर्या की पहल पर शासन से बजट स्वीकृत होने के बाद 31 जनवरी को भूमि पूजन कर निर्माण कार्य शुरू कराया गया था। उस समय ग्रामीणों में खुशी का माहौल था, लेकिन अब निर्माण कार्य में कथित अनियमितताओं के चलते लोगों में नाराजगी बढ़ गई है।
वरिष्ठ अधिवक्ता सुशील यादव, शशिप्रकाश सिंह,शिव प्रताप सिंह एवं राजकुमार समेत कई ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सड़क व सेतु निर्माण में सीमेंट, गिट्टी व अन्य सामग्री का प्रयोग निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं किया जा रहा है। प्रांतीय खंड नियमावली के अनुसार मड़िहान की सफेद गिट्टी का उपयोग होना चाहिए, लेकिन इसके स्थान पर स्थानीय गिट्टी गिराकर निर्माण कराया जा रहा है, जो गुणवत्ता पर सवाल खड़े करता है।ग्रामीणों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने विधायक शुचिस्मिता मौर्या का ध्यान भी इस ओर आकृष्ट कराया है।
इस संबंध में लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता अशोक कुमार और एसडीओ मान सिंह ने बताया कि मामले की जांच कराई जाएगी। यदि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।





