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डॉ नीरज त्रिपाठी की पुस्तक “कही अनकही” का हुआ विमोचन
मीरजापुर।
साहित्य चेतना समाज की मिर्जापुर इकाई और विंध्यवासिनी महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित एक कार्यक्रम में डॉक्टर नीरज त्रिपाठी कृत “कही अनकही” पुस्तक का विमोचन प्रो. शोभा गौड़ कुलपति मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय के मिख्य आतिथ्य एवं डॉक्टर राकेश धर त्रिपाठी पूर्व मंत्री उच्च शिक्षा उत्तर प्रदेश सरकार के कर कमलों द्वारा हुआ।

कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि ने मां सरस्वती की प्रतिमा का पूजा अर्चन और दीप प्रज्वलित कर किया। प्रारंभ में विंध्यवासिनी महाविद्यालय की छात्राओं ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत किया। कही-अनकही पुस्तक के विमोचन के उपरांत अपने उद्बोधन में मुख्य अतिथि प्रो. शोभा गौड़ ने कहाकि डॉ नीरज त्रिपाठी की कृति “कही अनकही” की प्रत्येक रचना अपने आप में बेमिसाल है और दिल को छू लेने वाली हैं।

उन्होंने इस अवसर पर डॉ त्रिपाठी को ऐसे और काव्य संग्रह लिखने के लिए प्रेरित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि कवि अपने अनुभव, अपनी चिंता, अपने विचार कविताओं के माध्यम से व्यक्त करके समाज का मार्गदर्शन करते हैं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ राकेश धर त्रिपाठी ने कहा कि डॉ नीरज त्रिपाठी ने अपनी चिकित्सकीय सेवा के साथ साथ कविता लेखन का उपयोगी और महत्वपूर्ण कार्य किया है। उनकी ये कविताएं समाज को एक दिशा दिखाने का कार्य करेंगी।
कार्यक्रम में उपस्थित जी डी बिन्नानी पी जी कॉलेज के प्राचार्य प्रो अशोक कुमार सिंह, के बी पी जी कॉलेज के प्राचार्य प्रो रविन्द्र द्विवेदी ने भी डॉ त्रिपाठी की कृति “कही अनकही” की रचना करने के लिये अपनी बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

कार्यक्रम में जिले के अन्य गणमान्य व्यक्तियों में चिकित्सक एस एन पाठक, अमरनाथ तिवारी, पंकज त्रिपाठी, डॉक्टर नीरज त्रिपाठी प्रोफेसर रमेश चन्द ओझा, राजपति ओझा, लल्लू तिवारी, केदार नाथ सविता, विजय श्रीवास्तव, विंध्यवासिनी केसरवानी, डॉ अनिल पांडेय, अनिल यादव, डॉ ध्रुव जी पांडेय, निभा त्रिपाठी, कविता त्रिपाठी, अनु, इला आदि रहे।

कार्यक्रम का संचालन आनंद अमित ने किया। धन्यवाद ज्ञापन विंध्यवासिनी महाविद्यालय के प्राचार्य प्रवीण कुमार सेठी ने किया।

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