मीरजापुर। विंध्यवासिनी महाविद्यालय भरूहना में बुधवार को अत्यंत प्रभावशाली एवं प्रेरणादायक करियर काउंसलिंग सत्र “करियर टॉक”का आयोजन किया गया, जिसमें महाविद्यालय परिवार की सदस्य निष्ठा त्रिपाठी ने छात्र-छात्राओं को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया और विशेष रुप से CAT की तैयारी एमबीए करने के लिए कैसी की जाए उसके बारे में छात्र छात्राओं को समझाया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम के दौरान निष्ठा त्रिपाठी ने अपने शैक्षणिक एवं व्यावसायिक अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि किस प्रकार उन्होंने नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, जोधपुर से बी.ए. एल.एल.बी. (ऑनर्स) करने के पश्चात कॉर्पोरेट क्षेत्र में कार्य किया और आगे चलकर प्रबंधन की पढ़ाई का चयन किया।
उन्होंने विद्यार्थियों को प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी, कौशल विकास तथा बदलते करियर परिदृश्य के अनुरूप स्वयं को ढालने के महत्व पर प्रकाश डाला।
अपने संबोधन में निष्ठा त्रिपाठी ने अपने शैक्षणिक एवं व्यावसायिक अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि किस प्रकार स्पष्ट लक्ष्य, सतत परिश्रम और सही दिशा-निर्देशन के माध्यम से सफलता प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों को पारंपरिक करियर विकल्पों के साथ-साथ उभरते हुए क्षेत्रों के बारे में भी जानकारी दी और बदलते वैश्विक परिदृश्य में आवश्यक कौशलों पर विशेष बल दिया।
उन्होंने विद्यार्थियों को आत्मविश्लेषण करने, अपनी रुचियों एवं क्षमताओं को पहचानने तथा उसी के अनुरूप करियर का चयन करने की प्रेरणा दी। साथ ही, उन्होंने प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रभावी रणनीतियाँ एवं समय प्रबंधन के महत्वपूर्ण सूत्र भी साझा किए। निष्ठा त्रिपाठी का संबोधन विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी एवं दिशा प्रदान करने वाला सिद्ध हुआ।
महाविद्यालय के अध्यक्ष डॉ नीरज त्रिपाठी एवं प्राचार्य डॉ प्रवीण कुमार सेठी के साथ साथ समस्त प्राध्यापकों ने इस सत्र की सराहना करते हुए इसे विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय परिवार की ओर से निष्ठा त्रिपाठी को एक स्मृति चिन्ह देकर उनके प्रति आभार व्यक्त किया गया।
यह करियर काउंसलिंग सत्र विद्यार्थियों के लिए न केवल ज्ञानवर्धक रहा, बल्कि उनके आत्मविश्वास को सुदृढ़ करते हुए उन्हें अपने लक्ष्यों की ओर अग्रसर होने की प्रेरणा भी प्रदान कर गया।





