0 350 से अधिक प्रतिभागियों ने लिया प्रशिक्षण, नई दिल्ली से आए विशेषज्ञों ने साझा किए आधुनिक गुणवत्ता मानक
चुनार, मिर्जापुर। एपेक्स वेलकेयर ट्रस्ट द्वारा संचालित एपेक्स ट्रस्ट हॉस्पिटल एंड डायग्नोस्टिक तथा शिक्षण संस्थानों-आयुर्वेद, फार्मेसी, ट्रस्ट नर्सिंग एवं एलाइड हेल्थ पैरामेडिकल, चुनार में एपेक्स के चेयरमैन प्रो. डॉ. एस. के. सिंह की संरक्षता में राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स (NABH), मुख्यालय नई दिल्ली के सहयोग से “हेल्थकेयर क्वालिटी एवं रोगी सुरक्षा (Healthcare Quality & Patient Safety)” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. स्वरूप पटेल, निदेशक एवं वर्ल्ड एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स होल्डर, तथा NABH मुख्यालय, नई दिल्ली से मुख्य वक्ता डॉ. ऋतु गुप्ता (MD) एवं उजैर रहमानी द्वारा दीप प्रज्ज्वलन एवं अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। इस अवसर पर एपेक्स ट्रस्ट हॉस्पिटल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट एवं आर्थोपेडिक सर्जन डॉ. संजीव सिंह, डीन प्रो. डॉ. सुनील मिस्त्री, नर्सिंग प्रधानाचार्य प्रो. गोपी एस. एस., उपप्रधानाचार्य प्रो. डॉ. पी. के. राय तथा मेट्रन श्रीमती वंदना सहित संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी, चिकित्सक, कंसल्टेंट्स, फैकल्टी सदस्य, स्टाफ एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
कार्यशाला में Healthcare Quality, NABH Standards, Patient Safety, Clinical Quality, Quality Indicators एवं Hospital Accreditation जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। विशेषज्ञों ने केस स्टडी, लाइव डेमोंस्ट्रेशन तथा प्रश्नोत्तर सत्र के माध्यम से प्रतिभागियों को गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाओं के आधुनिक मानकों, अस्पतालों में गुणवत्ता प्रबंधन तथा रोगी सुरक्षा की सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों से अवगत कराया।
राष्ट्रीय स्तर की इस कार्यशाला में 350 से अधिक प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों को NABH की ओर से Certificate of Participation प्रदान किए गए।
इस अवसर पर एपेक्स के ट्रस्टी प्रो. डॉ. एस. के. सिंह ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएँ किसी भी अस्पताल की वास्तविक पहचान होती हैं। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों एवं विद्यार्थियों के ज्ञान, कौशल और सेवा गुणवत्ता को सुदृढ़ बनाते हैं तथा मरीजों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बेहतर एवं सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


