0 गोहत्या-निषेध हेतु केंद्रीय कानून, गोमाता को राष्ट्रमाता का सम्मान, केंद्रीय गो मंत्रालय की स्थापना सहित 30 से अधिक प्रमुख मांगें रखीं गईं सरकार के समक्ष
0 392991 नागरिकों के हस्ताक्षर युक्त प्रार्थना-पत्र जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार को सौंपा
मीरजापुर।
गोमाता की सेवा, सुरक्षा एवं सम्मान सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से संचालित गो सम्मान आह्वान अभियान के द्वितीय चरण के अंतर्गत सोमवार को मिर्जापुर सहित देशभर के सभी जिलों में संबंधित जिलाधिकारी के माध्यम से भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, संबंधित राज्य के राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम हस्ताक्षरयुक्त प्रार्थना-पत्र एवं ज्ञापन सौंपे गए।
ज्ञातव्य है कि पिछले लगभग छह माह से देशभर के संतों, गौसेवकों एवं गोभक्तों के नेतृत्व में गो सम्मान आह्वान अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के माध्यम से सम्पूर्ण भारत में गोहत्या-निषेध हेतु केंद्रीय कानून, गोमाता को राष्ट्रमाता का सम्मान, गोचर भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराना, केंद्रीय गो मंत्रालय की स्थापना, केंद्रीय गो-चारा नीति का निर्माण तथा कृषि, चिकित्सा, पर्यावरण, शिक्षा एवं मानव जीवन से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों को गो-केंद्रित राष्ट्रीय नीति का हिस्सा बनाने सहित 30 से अधिक प्रमुख मांगें सरकार के समक्ष रखी गई हैं। इन मांगों के समर्थन में देशभर में व्यापक जनजागरण एवं हस्ताक्षर अभियान चलाया गया।
अभियान के प्रथम चरण में 27 अप्रैल 2026 को देश की लगभग 5,000 तहसीलों के माध्यम से 5 करोड़ से अधिक नागरिकों के हस्ताक्षरों सहित प्रार्थना-पत्र राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, संबंधित राज्यों के राज्यपाल एवं मुख्यमंत्रियों को सौंपे गए थे। इन मांगों पर अपेक्षित निर्णय न होने के कारण अभियान के द्वितीय चरण में आज पुनः देशभर के सभी जिलों से 15 करोड़ से अधिक नागरिकों के हस्ताक्षरों सहित अनुस्मारक (रिमाइंडर) प्रार्थना-पत्र सरकार को प्रेषित किए गए।
जनपद मिर्जापुर की ओर से भी लगभग 392991 नागरिकों के हस्ताक्षरों सहित प्रार्थना-पत्र संबंधित जिलाधिकारी के माध्यम से भारत सरकार को प्रेषित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ निर्धारित शुभ मुहूर्त में गोमाता के पूजन, शंखनाद एवं “श्री राम जय राम जय जय राम” विजय मंत्र के सामूहिक जप के साथ हुआ। इसके उपरांत गोभक्तों ने झंडे, बैनर, अभियान संदेशों वाले प्लेकार्ड एवं भजन-कीर्तन के साथ शांतिपूर्ण एवं अनुशासित प्रार्थना-यात्रा निकालते हुए जिलाधिकारी कार्यालय तक पहुँचे।
प्रार्थना-यात्रा में भगवान श्रीकृष्ण-बलराम के स्वरूप, गोमाता की झांकी तथा अभियान के अंतर्गत संकलित हस्ताक्षरों का प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया गया। तत्पश्चात संत-महात्माओं, जिला कार्यकारिणी, विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों तथा गणमान्य नागरिकों के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी महोदय/महोदया को ज्ञापन एवं हस्ताक्षरयुक्त प्रार्थना-पत्र सौंपा।
इस अवसर पर अभियान के प्रतिनिधियों ने कहा कि गोमाता केवल धार्मिक आस्था का विषय ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, कृषि, पर्यावरण, ग्राम्य अर्थव्यवस्था एवं जनकल्याण का भी महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने सरकार से गोमाता की सेवा, सुरक्षा एवं सम्मान से संबंधित सभी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया। साथ ही कहा कि यह अभियान पूर्णतः शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से संचालित किया जा रहा है तथा जनभावनाओं के अनुरूप निर्णय न होने तक चरणबद्ध रूप से आगे भी जारी रहेगा।
जिले के संत-महात्मा, विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि, मातृशक्ति, युवा, किसान, व्यापारी, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में गोभक्त उपस्थित रहे।
इस अवसर पर विद्या भूषण दूबे, सत्य प्रकाश, दिनेश प्रकाश, माता सहाय, गोपाल, संतोष दुबे, श्रीकृष्ण पटेल, अभय मिश्रा, बृजेश गुप्ता, राहुल जैन, भोला पांडे, हरिशंकर, अनिल गुप्ता, अनिलेश स्वरूप ब्रह्मचारी जीमहाराज, प्रवीण, अभिषेक, अर्जुन राम तिवारी, सपना सिंह, गणेश तिवारी, नारायण राठी, राजकुमार गुप्ता, सौम्या त्रिपाठी, राम सिंह साथ आदि उपस्थित रहे।





