0 उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 एवं पीएमएफएमई योजना के प्रभावी संचालन में उत्कृष्ट कार्य पर प्रशंसा-पत्र प्रेषित
लखनऊ।
उत्तर प्रदेश सरकार के उद्यान, रेशम एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री बी.एल. मीणा, (आईएएस) ने उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 तथा प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन (PMFME) योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं अधिकाधिक उद्यमियों को सरकारी योजनाओं से लाभान्वित कराने में उल्लेखनीय कार्य करने वाले तीन जिलाधिकारियों एवं चार मुख्य विकास अधिकारियों के कार्यों की भूरि-भूरि प्रशंसा की है।
अपर मुख्य सचिव द्वारा संबंधित अधिकारियों को प्रेषित पत्रों में कहा गया है कि उन्होंने खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अंतर्गत संचालित उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 एवं पीएमएफएमई योजना के तहत विशेष ध्यान देते हुए सक्रिय रूप से कार्य किया। अपने-अपने जनपदों में अधिकाधिक उद्यमियों को सरकार की योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई तथा उन्हें अनुदान एवं अन्य सुविधाओं का लाभ दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
जिन अधिकारियों के कार्यों की भूरि-भूरि प्रशंसा की गई है, उनमें हापुड़ की जिलाधिकारी श्रीमती कविता मीणा, मिर्जापुर के जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार, अम्बेडकर नगर की जिलाधिकारी श्रीमती ईशा प्रिया, बाराबंकी के मुख्य विकास अधिकारी श्री ए. सुधान, सीतापुर की मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती दीक्षा जोशी, हरदोई की मुख्य विकास अधिकारी सुश्री नेहा ब्याडवाल तथा कानपुर नगर के मुख्य विकास अधिकारी अभिवन जे. जैन शामिल हैं।
अपर मुख्य सचिव बी.एल. मीणा ने अपने पत्रों में इन अधिकारियों के कार्यों की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए आशा व्यक्त की है कि वे भविष्य में भी सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए अधिक से अधिक उद्यमियों को सरकार की नीतियों एवं योजनाओं से लाभान्वित कराने में इसी प्रकार सक्रिय भूमिका निभाते रहेंगे।
अपर मुख्य सचिव बी एल मीणा ने बताया कि उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशन में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को प्रोत्साहित करने तथा उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। ऐसे में योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने में जिला प्रशासन की सक्रिय भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है और इन अधिकारियों द्वारा किया गया कार्य अन्य जनपदों के लिए भी अनुकरणीय है।





