स्वास्थ्य

सीएमओ ने ली मातहत की क्लास, चेक की उपस्थिति

ब्यू्रो रिपोर्ट, मिर्जापुर( अहरौरा)।

जिलाधिकारी ने मातहम अधिकारियों को शासन का फरमान क्या सुनाया कि जनपद स्तर के अधिकारीगण अपने अपने विभागों में हाजिरी लगाने लगे और साथ ही साथ अपने अपने विभागों का सर्वे करने के लिए स्वयं निगरानी करने लगे हैं। इसी के मद्देनजर मुख्य चिकित्साधिकारी ने अहरौरा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र की विधिवत् जांच की। उपस्थिति पंजीका में चिकित्सकों की उपस्थिति देखी जिसमें सामुदायिक स्वास्थ्य अहरौरा के चिकित्सा प्रभारी डॉ हरि चन्द्र की उपस्थिति सर्वाधिक पायी। सफाई, रोशनी, दवाओं के रखरखाव व चिकित्सा क्षेत्र में प्रयुक्त उपकरणों के कार्यप्रणाली पर संतुष्ट नजर आये लेकिन डॉक्टर्स की उपस्थिति शासन के मंशा के विपरीत अब पाये जाने पर वैधानिक कार्रवाई करने की बात कही। अहरौरा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में जच्चा बच्चा केंद्र है जहाँ गर्भवती महिलाओं का प्रसव कराया जाता है लेकिन अल्ट्रासाउंड मशीन न होने के कारण प्रसव की सारी विधि अनुभवों पर आधारित होती है जिसके कारण महिलाओं की जान पर बन आती है।जन्मजात शिशु आक्सीजन की कमी के कारण नीले पड़ जाते हैं और आक्सीजन की सुविधा न होने के कारण मौत होने की संभावना बढ़ जाती है। एक्स रे मशीन यहां न होने के कारण अधिकांश एक्सीडेंटल केस और हड्डियों से संबंधित रोगों का सिर्फ प्राथमिक ईलाज हो पाता है, वह भी अंजादे फातिये तरीके से काम होता है।इसके लिए जिम्मेदार जरूरत मंद उपकरण है जो शासन द्वारा चिकित्सकों को मुहैया ही नहीं कराया गया है। भर्ती हुए मरीजों को शुद्ध पेय जल के लिए जूझना पड़ता है। गरीब मरीज निशुल्क चिकित्सालय का सहारा लेता है और यही भर्ती हो जाता है, इसके साथ ही साथ गरीब मरीज शुद्ध पेयजल के लिए अपने पाचन शक्ति पर निर्भर होते रहे है।

इन सभी समस्याओं की जानकारी होने पर उचित कार्रवाईयों का आश्वासन मिलता रहा है और आज भी मिला। लेकिन एक बात तय है कि जिलाधिकारी के द्वारा विगत माह दिये गये बयान कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अहरौरा मानक के अनुरूप जल्द दिखेगा के पक्ष में आज मुख्य चिकित्सा अधिकारी के बयान को देखा जा सकता है। अहरौरा के गरीब जनता को चिकित्सीय सुविधाओं के मिलने की उम्मीद बढ़ी है और अब देखना होगा कि इन उम्मीदों पर खरा कौन सा समय उतरता है।सूत्रों की मानें तो होम्योपैथिक दवाओं की आवश्यकता पर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में बाहर की दवाएं लिखी जाती है क्योंकि आवश्यक दवाओं की आपूर्ति यहाँ नहीं हो पाती है फिर भी सब ठीक ठाक है और चल रहा है।

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