खास खबर

सभी जल प्रपातो पर आग जलाने पर होगी एफआईआर -जिलाधिकारी

0  समुचित व्यवस्था तंत्र एवं सुविधाओ से युक्त होगें जलप्रपात

0 प्रकृति का आनन्द लेने का अधिकार सबको है, लेकिन उसको नष्ट करने का अधिकार किसी को भी नही है: जिलाधिकारी

मीरजापुर।

जनपद मे विभिन्न स्थानो पर स्थित जल प्रपात/दरी पर समुचित व्यवस्था एवं आधारभूत सुविधाओ हेतु जिलाधिकारी की अध्यक्षता मे बैठक आहूत की गयी। उल्लेखनीय है कि मीरजापुर मे कई वाटरफाल लखनिया दरी, सिद्धनाथ दरी, विढमफाल, टांडा फाल, सिरसी फाल, खडं़जा, अपर एवं लोअर खजुरी आदि अवस्थित है जहॉ पर घूमने के लिये काफी संख्या में पर्यटक आते है। जनहित में इन सभी स्थानो पर सुरक्षा, साफ-सफाई के साथ-साथ समुचित सुरक्षा व्यवस्था एवं अन्य व्यवस्थाये विकसित/उपलब्ध कराये जाने की आवश्यकता है।

जिलाधिकारी ने कहा कि उपर्युक्त सभी पर्यटन स्थलो को सुचारू रूप से संचालित करने के लिये वन विभाग, गैर सरकारी संगठन या पब्लिक प्राईवेट पार्टनरशिप द्वारा कार्ययोजना तैयार किया जा रहा हैं। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि विगत दिनो एवं वर्षो मे पर्यटन स्थलो पर सैलानियो के डूब जाने की घटना प्रकाश मे आयी है इस संदर्भ मे सभी जल प्रपात के गहरे क्षेत्रो मे जाल /जंजीर लगाया जायेगा तथा गोताखोरो की तैनाती की जायेगी तथा साथ ही गहरे क्षेत्रो को इंगित करते हुये इसके आगे जाने पर डूबने का खतरा है/ आगे काफी गहराई है का सूचना बोर्ड लगाया जायेगा।

उन्होने कहा कि उक्त स्थलो पर काफी भीड़ हो रही है इस लिये साफ-सफाई समुचित व्यवस्था तथा कोविड-19 के दृष्टिगत सोशल डिस्टेंटिंग एवं मास्क न पहनने पर विधिक कार्यवाही की जायेगी। सुरक्षाकर्मी, सफाईकर्मी एवं सुरक्षा उपकरणो को यथा शीघ्र उपलब्ध कराया जायेगा। जिससे बारिश मे अचानक पानी आने पर किसी प्रकार की दुर्घटना न होने पायें। प्रभागीय वनाधिकारी  पी0एस0 त्रिपाठी ने बताया कि वन क्षेत्र एक संरक्षित क्षेत्र होने के कारण सभी प्राकृतिक पर्यटन स्थलो पर नान फारेस्ट एक्टिविटी पर प्रतिबन्ध है। इस लिये अब सैलानियो द्वारा आग जलाकर खाना बनाने पर प्रतिबन्ध है राख आदि से गंदगी एवं प्राकृतिक सम्पत्तियो का क्षरण होता है। सैलानियो द्वारा खाने पीने मे प्रयुक्त प्लास्टिक के पत्तल, कफ, दोना, ग्लास, पालीथीन आदि फेककर गंदगी फैलायी जाती हैं। जल प्रपातो पर एनांउसमेन्ट द्वारा सैलानियो को स्नान करने के साथ दौड़ने, खेलने पर पैर फिसल जाने से डूब जाने की खबरो के प्रति सचेत किया जायेगा तथा पर्यटको को चोट लगने पर प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था भी की जायेगी।

सहायक पर्यटन अधिकारी नवीन कुमार ने बताया कि प्रभागीय वनाधिकारी के साथ समन्वय कर सुव्यवस्थित प्रबन्धन एवं आधारभूत सुविधाओ की कार्ययोजना बना ली गयी है जल्द ही सभी पर्यटन स्थलो पर प्रबन्ध तंत्र एवं साफ-सफाई दर्शित होगी। जिलाधिकारी ने कड़े शब्दो मे कहा कि जलप्रपात स्थलो पर आग जलाकर खाना बनाने पर एफ0आई0आर0 दर्ज कर तुरन्त गिरफ्तारी की जायेगी एवं किसी भी दशा मे पालीथीन, खाना, प्लास्टिक अन्दर नही जायेगा। जिलाधिकारी ने कहा कि नेचर को देखना एवं आनन्द लेने का अधिकार सभी को है लेकिन उसको नष्ट करने का अधिकार किसी को भी नही है। जिलाधिकारी ने जलप्रपात क्षेत्रो के सभी क्षेत्राधिकारी एवं थानाध्यक्ष को निर्देश दिया कि किसी भी दशा मे अवैध पार्किंग एवं अवैध कार्य न होने पायें।

Banner VindhyNews
error: Right Click Not Allowed-Content is protected !!