0 एपेक्स चेयरमैन प्रो. डॉ. एस.के. सिंह ने स्वयं पौधरोपण कर ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान का शुभारंभ किया, पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का किया आह्वान
चुनार, मिर्जापुर। पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने और हरित भविष्य के निर्माण के उद्देश्य से एपेक्स वेलकेयर ट्रस्ट द्वारा संचालित एपेक्स ट्रस्ट हॉस्पिटल एंड डायग्नोस्टिक एवं इसके शिक्षण संस्थानों—एपेक्स इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड हॉस्पिटल, एपेक्स इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी, एपेक्स ट्रस्ट नर्सिंग कॉलेज तथा इंस्टीट्यूट ऑफ एलाइड हेल्थ (पैरामेडिकल) साइंसेज, चुनार में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम वृक्षारोपण जन आंदोलन 2024-25 एवं “पेड़ लगाओ–पेड़ बचाओ” जन अभियान 2026 के तहत संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ एपेक्स वेलकेयर ट्रस्ट के चेयरमैन प्रो. डॉ. एस.के. सिंह के दिशा-निर्देशन एवं डीन प्रो. डॉ. सुनील मिस्त्री के नेतृत्व में किया गया। इस अवसर पर संस्थान के सभी फैकल्टी सदस्य, अधिकारी, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए परिसर में विभिन्न फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण किया।
वृक्षारोपण में आम, सागवान, सेमर, सेन्ना, इमली, कंजी, अमरूद, नींबू, आंवला, कटहल, जामुन, अनार, बेल, केसिया श्यामिया एवं सहजन सहित अनेक प्रजातियों के पौधे लगाए गए।
कार्यक्रम में श्री संदीप कुमार (DCI, डिप्टी कमिश्नर, इंडस्ट्रीज़), श्री अखिलेश (रिलेशनशिप मैनेजर) एवं श्री संदीप कुमार (असिस्टेंट मैनेजर) ने भी वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया तथा अभियान की सराहना की।
इस अवसर पर अपने संबोधन में चेयरमैन प्रो. डॉ. एस.के. सिंह ने कहा कि बढ़ती ग्लोबल वार्मिंग, जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय असंतुलन आज पूरी मानवता के सामने गंभीर चुनौती बन चुके हैं। इन चुनौतियों से निपटने के लिए प्रत्येक नागरिक को वृक्षारोपण को अपनी सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में स्वीकार करना होगा। उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका संरक्षण और संवर्धन भी उतना ही आवश्यक है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपनी माँ के सम्मान में एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करने का संकल्प ले, तो देश को हरित एवं स्वच्छ बनाने का लक्ष्य शीघ्र ही प्राप्त किया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों ने “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान को जन-जन तक पहुंचाने तथा लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने का सामूहिक संकल्प लिया। पूरे परिसर में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता, सामाजिक उत्तरदायित्व और प्रकृति के प्रति समर्पण का उत्साहपूर्ण वातावरण देखने को मिला।





