काठमांडो। भारत के पड़ोसी मुल्क नेपाल में जैसे मुसीबत खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही है। एक तरफ देश बाढ़ जैसी प्रकृतिक आपदा से जूझ रहा है दूसरी तरफ राजधानी काठमांडू में मंगलवार (8 सितंबर) को तेज भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर जब भूकंप की तीव्रता मापी गई तो 5.0 थी। यह भूकंप ऐसे समय आया, जब देश में इतनी उथल-पुथल मची हुई है।
भूकंप के झटके आए तो लोग डर गए, क्योंकि 26 अगस्त को विनाशकारी बाढ़ ने जो तबाही मचाई थी, वो मंजर लोगों के दिल और दिमाग में घर कर गया और लोग उससे ऊबर नही पाये थे कि भूकंप का असर काठमांडू और आसपास के इलाकों में महसूस किया गया।
जानकारी के मुताबिख भूकंप से किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। नेपाल हिमालयी क्षेत्रों में स्थित है इसलिए यहां समय-समय पर मध्यम और तेज भूकंप आते रहते हैं।
हाल ही में नेपाल और तिब्बत में आई बाढ़ से बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई है। हजारों लोग अब भी लापता हैं। देश के कई इलाकों में बड़े पैमाने पर राहत और खोज अभियान चलाया जा रहा है। ऐसे समय में भूकंप के झटकों ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। बता दें, जब भूकंप की तीव्रता 5.0 होती है तो ज्यादा विनाशकारी नहीं होता है लेकिन इसका असर स्थानीय परिस्थिति और भूकंप की गहराई पर निर्भर करता है। वर्ष 2015 का भूकंप देश के इतिहास की सबसे विनाशकारी प्राकृतिक आपदाओं में शामिल रहा था। इसलिए यहां भूकंप के छोटे-बड़े झटकों को भी गंभीरता से लिया जाता है।




