0 कहा- सबके प्रति सहानुभूति एकजुटता हो, लेकिन विकृतियों से बचना जरूरी
0 आचार्य श्री राम शर्मा के हम बदलेंगे युग बदलेगा के भाव से हिंदू समाज के सभी कार्य हो
0 सरसंघचालक ने कहा है कि भारत हिंदू राष्ट्र है, जो रहते हैं सभी रहें
0 “100 वर्ष की संघ यात्रा” के उपलक्ष्य में किया गया ‘प्रमुख जन संगोष्ठी’ का आयोजन
मीरजापुर।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मिर्जापुर नगर के तत्वावधान में “100 वर्ष की संघ यात्रा” के उपलक्ष्य में ‘प्रमुख जन संगोष्ठी’ का आयोजन रविवार, 13 सितंबर 2026 को अपराह्न नगर के लालडिग्गी स्थित लायंस स्कूल के सभागार में संपन्न हुआ। मुख्य वक्ता मिथिलेश नारायण ने अपने उद्बोधन में उन्होंने कहाकि हिंदू समाज सनातन के हिसाब से पूरे जीवन को सुखी रखने की योजना बनाएं। सबके प्रति सहानुभूति और एकजुटता हो, लेकिन विकृतियों से बचना जरूरी है, इसका भी ध्यान रखें।
आचार्य श्री राम शर्मा के हम बदलेंगे युग बदलेगा के भाव से हिंदू समाज के सभी कार्य हो, तो राष्ट्र मे निश्चित ही परिवर्तन होगा।
सरसंघचालक जी ने कहा है कि भारत हिंदू राष्ट्र है, जो रहते हैं सभी रहें। उन्होंने संघ के 100 वर्ष पूरे होने पर पंच परिवर्तन विषय को रखते हुए समाज को सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण, स्व का भाव स्वदेशी जागरण और नागरिक कर्तव्य विषयों को आत्मसात करने और उसे पर चलने का आह्वान करते हुए कहा कि भारतीय समाज लंबे काल से समाज जीवन पर चल रहा है। समाज जीवन की आवश्यकता जन्म से मृत्यु तक जन सरोकार थी। 50-60 साल पहले तक इतना विकास नही था, लेकिन प्रभुता, प्रमुखता, संस्कार, संस्कृति, परंपरा और सहभागिता थी, जिसे आज भी संघ और सनातन बचा रहा है। नियम तोडना और संस्कृति को छोडना सनातन का हिस्सा नहीं होना चाहिए। पंडित दीनदयाल जी ने कहा है कि मानसिक विकार देश की विकास विनाश का कारण बन सकता है, इसलिए मानसिक विकारों से दूर रहना है। 1947 मे राजनैतिक स्वतंत्रता तो मिल गयी, लेकिन मानसिक स्वतंत्रता नहीं आयी, क्योंकि हमने पाश्चात्य की बातों को अपना लिया। इसलिए जरूरी है कि हम पाश्चात्य की बातों को भारतीयकरण करते हुए ही स्वीकार करें और समस्त हिंदू समाज को साथ लेकर चलने का कार्य करें।
उन्होंने कहाकि भारत में कुटुंब नामक रचना डैमेज हुई है इस डैमेज होती रचना को पुनर्जीवित करने के लिए छोटा परिवार सुखी परिवार का त्याग कर परिवार परंपरा को बढ़ाना होगा, क्योंकि आज बच्चों के पैसे की नहीं बल्कि माता-पिता को बच्चों के प्यार और साथ की जरूरत है और माता-पिता ही सच्चे और अच्छे सलाहकार हैं। ऐसे में आवश्यकता है कि आप सभी क्षेत्रों में आगे बढ़िए अच्छा करिए लेकिन समाज संस्कृति और स्वदेशी भाव को इग्नोर मत करिए।
कहां की सभी जातियों का महत्व है वेद भगवान कहते हैं इस शरीर में ही ब्राह्मण क्षत्रिय वैश्य और शूद्र चारों मौजूद हैं और तुलसीदास जी ने भी लिखा है कि प्रात काल उठि के रघुनाथा, मात-पिता गुरु नावही माथा। और आध्यात्मिक रूप से चरण शुद्र की श्रेणी में आता है, तो क्या हमें चरण छूना बंद कर देना चाहिए? पैर में चोट लग जाए तो क्या हमें शुद्ध समझ कर उसे उसी हालत में छोड़ देना चाहिए? नहीं। जरा सोचिए बालक के जन्म लेने पर नाल काटने वाली अगर यह जानती कि भेद होगा, तो क्या वह कभी नाल कटती? ऐसा सोच नही होता तभी तो एक को दिक्कत हो तो शेष मशक्कत करते हैं। इसलिए समस्त जातियां पवित्र हिंदू हैं और एक दूसरे को सहयोग और साथ की आवश्यकता है।
इसके पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ मंचासीन अतिथियों मुख्य वक्ता मिथिलेश नारायण, जिला संघचालक शरद चंद उपाध्याय, नगर संघचालक अशोक सोनी एवं कार्यक्रम अध्यक्ष आशुतोष अग्रवाल के स्वागत के उपरांत अतिथियों द्वारा डा. हेडगेवार एवं गुरुजी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन के बाद केबी कालेज की अंशिका मिश्रा एवं कमला पाल द्वारा ‘वंदे मातरम’, जिला प्रचार प्रमुख अनिल जी द्वारा मंच परिचय एवं कार्यक्रम के नगर संयोजक प्रोफेसर रमेश चंद्र ओझा द्वारा प्रस्तावना के बाद जिला पर्यावरण प्रमुख संजय सेठ द्वारा एकल गीत “शून्य से एक शतक बनते, अंक की मनभावना। भारती की जय-विजय हो, ले हृदय में प्रेरणा” एवं आराध्य जी के द्वारा अमृत वचन के उपरांत मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के क्षेत्र बौद्धिक शिक्षण प्रमुख मिथिलेश नारायण जी का पाथेय प्राप्त हुआ।
तत्पश्चात अध्यक्षीय उद्बोधन में पूर्व डीजीसी आशुतोष अग्रवाल ने सामाजिक समरसता कुटुंब प्रबोधन स्वदेशी एवं नागरिक कर्तव्य जैसे विषयों को अपने पर बल दिया। आभार ज्ञापन वरिष्ठ व्यापारी एवं समाजसेवी विश्वनाथ अग्रवाल ने किया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से जिला संघचालक शरदचंद उपाध्याय, नगर संघचालक अशोक सोनी, समाजसेविका कमला पाल, डिबीए अध्यक्ष
बिनानी कालेज की पूर्व प्राचार्या प्रोफेसर बीना सिंह, प्रोफेसर रमेश चंद्र ओझा, जाह्नवी प्रकाश तिवारी, विमलेश अग्रहरि, डा. उमेश सिंह, प्रचारक एवं क्षेत्र मार्ग प्रमुख राजेंद्र सक्सेना, पूर्व डीजीसी एवं पूर्व अध्यक्ष रोटरी क्लब आशुतोष अग्रवाल, पद्मश्री उर्मिला श्रीवास्तव, ढीबीएश अध्यक्ष अभयराज सिंह, पूर्ध जिलाध्यक्ष बालेंदुमणि त्रिपाठी, पूर्व नगर पालिका चेयरमैन मनोज जायसवाल, डा. अआशोक सिंह, प्रोफेसर नम्रता मिश्रा, डा.ईला सिंह, सुशील सिंह, जवाहर सिंह, आनंद स्वरुप, प्रशांत पांडेय, आशुकांत चुनाहे, अमर बहादुर सिंह, ज्ञानचंद गुप्ता, डीजीसी सिविल अनिल कुमार सिंह, डा. एच एन पांडेय, लखन लाल केसरवानी सहित मिर्जापुर के शिक्षक, चिकित्सक, अधिवक्ता, व्यापारी, साहित्यकार एवं पत्रकार, सेवानिवृत्त, इंजीनियर, आध्यात्मिक व्यक्ति, मातृशक्तियां, सज्जनशक्ति, स्थानीय समितियां एवं स्वयंसेवी संस्थाओं, दुर्गा पूजा एवं गणेश उत्सव समितियों, गायन वादन एवं अन्य क्षेत्रों से जुडें प्रबुद्ध जनों भारी संख्या में मौजूदगी रही। अध्यक्षता आशुतोष अग्रवाल एवं संचालन राजैंद्र तिवारी ने किया। यह जानकारी नगर प्रचार प्रमुख विमलेश अग्रहरि ने दिया।





