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साऊथ कैंपस बीएचयू मे एआई कार्यशाला का हुआ आयोजन, चुने गए एआई चैंपियंस

मीरजापुर। मंगलवार, 3 नवंबर को बीएचयू के दक्षिण परिसर मुख्य सभागार के न्यू एलटी भवन में एक दिवसीय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) कार्यशाला का आयोजन किया गया। डीडीयू कौशल केंद्र के समन्वयक डॉo आरo यसo मिश्रा ने बताया कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता की नवीनतम तकनीकों से परिचित कराना तथा उन्हें व्यावहारिक ज्ञान, नवाचार और तकनीकी कौशल के माध्यम से सशक्त बनाना था।

शुभारंभ मुख्य अतिथि रोटरीनियन डॉ. अजय दुबे प्रेसिडेंट वाराणसी कबीर क्लब वाराणसी, कार्यशाला प्रशिक्षक रोट. प्रयत्यूस मिश्रा, रोट. सिद्धार्थ मुखर्जी, रोट. ऋषि उपाध्याय, डॉ राघवेन्द्र रमन, डॉ इरफान अंसारी, डॉ श्रुति सिंह ने विश्वविद्यालय के संस्थापक भारत रत्न पंo मदन मोहन मालवीय जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन करके किया।

एआई कार्निवल 2026–27 के लिए प्रत्येक कार्यशाला से कम से कम दो एआई चैंपियन चयनित होंगे और मुख्य कार्यशाला वाराणसी के भाग बनेंगे। सपना भारती (द्वितीय वर्ष, एम.एल.टी.) रोहन यादव (द्वितीय वर्ष, एम.ओ.एम.), अश्लिषा राज (द्वितीय वर्ष, एम.एल.टी.), उन्नति शाही (द्वितीय वर्ष, एफ.टी.ए.डी.), वंश पाण्डेय (तृतीय वर्ष, एच.टी.एम.), स्पंदन सरकार (प्रथम वर्ष, आर.एल.एम.) का चयन एआई चैंपियन के लिए हुआ।

कार्यशाला की थीम “परिसर से वास्तविक प्रभाव तक” रही। इसमें विद्यार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विभिन्न उपयोगों, संभावनाओं एवं व्यावहारिक अनुप्रयोगों की जानकारी दी गई। विशेष रूप से चैट जीपीटी, गूगल जेमिनी, माइक्रोसॉफ्ट कोपायलट, कैनवा एआई, सहित विभिन्न एआई टूल्स का लाइव प्रदर्शन किया गया।

विद्यार्थियों को बताया गया कि इन तकनीकों का उपयोग शिक्षा, अनुसंधान, व्यवसाय, कंटेंट निर्माण, सोशल मीडिया तथा दैनिक जीवन की समस्याओं के समाधान में किस प्रकार किया जा सकता है। स्वयं के एआई आधारित विचार विकसित करने, नवीन समाधान तैयार करने तथा तकनीकी नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

एआई चैंपियन के चयन की प्रक्रिया तीन चरणों में निर्धारित की गई है। प्रथम चरण में विद्यार्थियों को एआई पर अपने विचार, उपयोगिता एवं संभावित प्रभाव के संबंध में एक मिनट का भाषण देना होगा। दूसरे चरण में किसी वास्तविक समस्या के समाधान के लिए एआई टूल का व्यावहारिक प्रदर्शन करना होगा। तीसरे चरण में चयनित विद्यार्थियों को एक सप्ताह की एआई चुनौती पूरी करनी होगी, जिसमें उनकी रचनात्मकता, तकनीकी समझ एवं कार्यान्वयन क्षमता का मूल्यांकन किया जाएगा।

प्रत्येक कार्यशाला से न्यूनतम दो एआई चैंपियन का चयन किया जाएगा। चयनित एआई चैंपियनों को 20 दिसंबर 2026 को वाराणसी में आयोजित होने वाले भव्य एआई कार्निवल 2026–27 में प्रतिभाग करने का अवसर मिलेगा। इस राष्ट्रीय स्तर के आयोजन में विद्यार्थियों को 2,000 से अधिक व्यवसायियों एवं उद्यमियों के समक्ष अपने नवाचार और विचार प्रस्तुत करने, उद्योग जगत के विशेषज्ञों एवं रोटरी सदस्यों से संवाद स्थापित करने तथा अपने विचारों को वास्तविक अवसरों में परिवर्तित करने का मंच प्राप्त होगा।

कार्यशाला का मूल रहा संदेश “खोजें, सीखें, निर्माण करें और बनें एआई चैंपियन।” कार्यशाला का संचालन सुश्री आश्लेषा तथा श्री रोहन ने किया। इस अवसर पर डी डी यू कौशल केंद्र के समस्त विद्यार्थी, शिक्षक उपस्थित रहे।

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