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अध्यक्ष गो सेवा आयोग ने मण्डलीय समीक्षा बैठक कर गौशालाओं में पशुओं को पर्याप्त हरा चारा उपलब्ध कराने का दिया निर्देश

0 राजस्व विभाग द्वारा चिन्हित गोचर भूमि को शत प्रतिशत अतिक्रमण से कराएं मुक्त, हरा चारा, गन्ना घास व नेपियर घास की बुआई पर दिया बल
एन0आर0एल0एम0 समूह की महिलाओं व स्वंय सेवी संगठनों को गो आश्रय स्थल संचालित करने हेतु प्रशिक्षण देकर सुनिश्चित कराएं सहभागिता

0 बायो गैस एवं पंचगव्य उत्पादन पर दिया जोर

मीरजापुर। गो सेवा आयोग उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष  श्याम बिहारी गुप्ता ने मंगलवार को अपने जनपद भ्रमण के दौरान आयुक्त कार्यालय सभागार में मण्डलायुक्त बालकृष्ण त्रिपाठी की अध्यक्षता में मण्डल के तीनो जनपदो के अधिकारियों के साथ बैठक कर समीक्षा की। इस अवसर पर आयोग के उपाध्यक्ष महेश कुमार शुक्ला, विधायक नगर रत्नाकर मिश्र, सदस्य रमाकांत उपाध्याय, दीपक गोयल, राजेश सेंगर, जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सोमेन बर्मा, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद मीरजापुर श्याम सुन्दर केसरी, मुख्य वन संरक्षक मनीष मित्तल, मुख्य विकास अधिकारी मीरजापुर विशाल कुमार, सोनभद्र जागृति अवस्थी, भदोही बालगोविन्द शुक्ला, संयुक्त विकास आयुक्त रमेश चन्द्र, उप निदेशक कृषि मीरजापुर, भदोही, सोनभद्र, परियोजना निदेशक डी0आर0डी0 धर्मजीत, जिला विकास अधिकारी मीरजापुर, सोनभद्र पशुपालन विभाग के तीनो जनपदो के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, पशु चिकित्साधिकारी व तीनों जनपदों के खण्ड विकास अधिकारी सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहें।
बैठक में अध्यक्ष व अन्य सदस्यगण के द्वारा आज प्रातः विभिन्न गौशालाओं के निरीक्षण के पश्चात पाई गई कमियों को इंगित कराते हुए अपेक्षित सुधार लाने का निर्देश खण्ड विकास अधिकारियों को दिया। अध्यक्ष ने कहा कि गौशालाओं में प्रति गौवंश कम से कम 05 किला हरे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए। हरा चारा की उपलब्धता के लिए कहा कि राजस्व विभाग द्वारा जनपदों में चिन्हित चारागाह/गोचर भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराकर चारा उत्पादन के उपयोग में लाया जाए। उन्होंने जिलाधिकारी से कहा कि अभियान चलाकर इस कार्य को प्रभावी बनाया जाए। नगर पंचायत द्वारा संचालित कछंवा एवं मझवा में निरीक्षण के दौरान साफ सफाई न होने, पर्याप्त मात्रा में चोकर की गुणवत्ता खराब होने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए एक सप्ताह में सम्बन्धित अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत कछंवा व गौशाला मझवां में हरा चारा की उपलब्धता व साफ सफाई के लिए खण्ड विकास अधिकारी मझवा को निर्देशित करते हुए कहा कि एक सप्ताह के अन्दर अपेक्षित सुधार करते हुए फोटोग्राफ सहित आख्या मण्डलायुक्त को एवं जिलाधिकारी के माध्यम से उन्हें भी उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि सभी खण्ड विकास अधिकारी गौशालाओं का निरीक्षण करे तथा उनके स्वास्थ्य आदि के बारे में बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करें। अध्यक्ष ने कहा कि गो तस्करी रोकने के लिए एडीजी व एएसपी स्तर के अधिकारियों क नियुक्ति की जाएगी। उन्होंने गौशालाओं के विकास, प्राकृतिक खेती, बायो गैस ऊर्जा और पंचगव्य उत्पादन पर भी बल दिया। गौशालाओं को प्रशिक्षण केन्द्र के रूप में विकसित करते हुए कृषि बायोगैस और पंचगव्य उत्पादन को बढ़ावा देने से स्वंय सहायता समूहों को जोड़ा जाता है इससे उन्हें रोजागार भी मिल सकेगा।
अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेचुरल मिशन फार नेचुरल फार्मिंग एवं मुख्यमंत्री मंशानुरूप प्रत्येक कृषक परिवार के पास कम से कम दो-दो गोवंश अवश्य हो इसके लिए 1.10 करोड़ अतिरिक्त गोवंश की आवश्यकता होगी जिससे प्राकृतिक खेती और गो संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि पंचगव्य आयूर्वेद और स्वादेश नस्ल संवर्धन को प्रोत्साहित करते हुए ग्रामीण अर्थव्यवस्था तथा सतत विकास की मजबूती के लिए कार्य किया जाए। अध्यक्ष ने बैठक में कहा कि माडल किसानों की नवाचार यात्राएं और पंचगव्य उत्पादन में अधिक से युवाओं और महिला समूहों की भागीदारी सुनिश्चित कराई जाएगी।
बैठक में उपाध्यक्ष महेश कुमार शुक्ला ने कहा कि निरीक्षण में पाई गई कमियों को तत्काल दूर कराया जाए। मनरेगा के तहत पक्का कैटिल शेड, गोमूत्र टैंक का निर्माण कराया जाये जिससे कि गोमय, गोमूत्र का उपयोग कर गो आधारित प्राकृतिक खेती की जा सकती है एवं पंचगव्य उत्पादो का निर्माण किया जा सके। उन्होंने मुख्यमंत्री निराश्रित गोवंश सहभागिता योजना पर बल देते हुए कहा कि इस योजना के तहत एक किसान को अधिकतम चार गोवंश गोंद दिया जा सकता है जिस पर प्रति गोवंश 50 रूपये प्रतिदिन अर्थात 06 हजार रूपया मासिक अनुदान मिलेगा। इसकेे लिए लोगो को जागरूक किया जाए। उन्होंने स्वंय सेवी समूहों और किसान संगठनों के साथ एम0ओ0यू0 से गो संरक्षण केेन्द्र संचालित करने पर भी चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि गौशालाओं में उपलब्ध गौवंशो के सापेक्ष एरिया बढ़ाया जाए अथवा नए गौवंश हेतु गौशाला बनाकर रखा जाए। मेल व फीमेल गौवंशो को अलग-अलग शेड में रखने की व्यवस्था कराई जाए। गौशालाओं में छायादार पौधो के वृक्षारोपण कराए जाने तथा सीमावर्ती में गौवंश तस्करी रोकने के लिए प्रभावदी कदम उठाया जाए। उन्होंने कहा कि गौ सेवा केवल दायित्व नहीं बल्कि सामाजिक जागरण का माध्यम बनेगी जो महिला समूहो के साथ नई दिशा की तरफ आगे बढ़ेगा।

बैठक में विधायक नगर ने कहा कि नेशनल हाईवे की सड़को पर गौवंशो के दुघर्टनाग्रस्त होने पर उन्हें अस्पताल पहुंचाने अथवा उपचार हेतु तात्कालिक व्यवस्था कराई जाए। अध्यक्ष द्वारा बताया गया कि दुर्घटना में घायल गोवंश के बारे में यदि कोई देखता है तो टोल फ्री नम्बर 1962 पर फोन कर सूचना दे सकता है ताकि तत्काल घायल गोवंश का उपचार किया जा सकें। मण्डलायुक्त ने कहा कि अध्यक्ष व सदस्य के द्वारा जो कमियां व सुझाव दिए गए है अधिकारी उसका 15 दिवस के अन्दर अनुपालन करते हुए आख्या प्रस्तुत करें। बैठक में मनीष गुप्ता पूर्व नगर अध्यक्ष भाजपा, पूर्व अध्यक्ष नगर पंचायत कछवां अजय उपाध्याय सहित गो सेवा से जुड़े विभिन्न संगठनो के गो पालक व प्रतिनिधि उपस्थित रहें।

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