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मेडिकल कालेज मे नवप्रवेशित एमबीबीएस छात्र-छात्राओं के लिए”कैडवरिक ओथ” का किया आयोजन; एनॉटमी विभाग के डिसेक्शन हॉल में रखे मृत मानव शरीर पर किया माल्यार्पण 

मीरजापुर।
शनिवार, 13 दिसंबर को अपरान्ह 12:30 बजे माँ विन्ध्यवासिनी स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय मीरजापुर में नव प्रवेशित एम०बी०बी०एस० सत्र 2025-26 के छात्र-छात्राओं के लिए राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग नई दिल्ली द्वारा प्रदत्त दिशा निर्देशानुसार “कैडवरिक ओथ” (Cadaveric Oath) कार्यक्रम का आयोजन एनॉटमी विभाग के डिसेक्शन हॉल में किया गया, जिसमें वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, मीरजापुर सोमेन वर्मा, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
 
 वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा नव प्रवेशित छात्र-छात्राओं को कैडवरिक ओथ कार्यक्रम में दीप प्रज्ज्वलित कर उपस्थित छात्र-छात्राओं को सम्बोधित किया गया कि छात्र-छात्राओं के द्वारा अध्ययन हेतु शव विच्छेदन के लिए उपलब्ध मृत मानव शरीर के प्रति पूर्ण सम्मान प्रदर्शित करते हुए कहाकि विधि के अनुसार यदि कोई लावारिस शव पाया जाता है, तो महाविद्यालय को उपलब्ध कराया जा सकता है।
 
 
   इस अवसर पर प्रधानाचार्य प्रो० (डा०) संजीव कुमार सिंह के द्वारा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सोमेन बर्मा का स्वागत किया गया तथा आयोजित “कैडवरिक ओथ” कार्यक्रम में नव प्रवेशित एम०बी०बी०एस० सत्र 2025-26 के छात्र-छात्राओं को शपथ दिलाया गया कि जो मेडिकल छात्र मृत मानव शरीर के साथ सम्मान, गोपनीयता और कृतज्ञता के साथ व्यवहार करने के लिए लेते हैं। 
 
  यह शपथ उन्हें मानव शरीर को अपना पहला शिक्षक मानकर चिकित्सा शिक्षा की नैतिक नींव रखने और समाज की सेवा करने के लिए प्रेरित करती है, जिसमें वे शव दान करने वाले व्यक्ति और उनके परिवार के प्रति आभार व्यक्त करते हैं और ज्ञान के उपयोग में ईमानदारी और करूणा का पालन करने का वचन देते हैं, “जिसका उद्देश्य है कि मेडिकल छात्रों में सहानुभूति, संवेदनशीलता और कर्तव्यों के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करती है, जिससे वे भविष्य में जिम्मेदार और नैतिक चिकित्सक बन सके, यह मानव शरीर दान के महत्व के बारे में जागरूकता भी बढ़ाती है। छात्र-छात्राओं को शपथ ग्रहण के उपरान्त एनॉटमी विभाग के डिसेक्शन हॉल में रखे मृत मानव शरीर पर माल्यार्पण किया गया।
 
इस अवसर पर एनॉटमी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो० (डा०) विपिन कुमार के द्वारा अवगत कराया गया कि वर्ष 1957 मुम्बई एक्ट के अनुरूप कार्य किया जाता है। कार्यक्रम का संचालन करते हुए एनॉटमी विभाग के सहायक आचार्य डा० दुर्गेश सिंह के द्वारा बताया कि इस चिकित्सा महाविद्यालय में अध्ययनरत छात्रों हेतु 12 लोगों ने देहदान हेतु पंजीकरण कराया गया है। इस अवसर पर प्रो० (डा०) विपिन कुमार, प्रो० (डा०) बिस्वजीत दास, प्रो० (डा०) धीरेन्द्र कुमार, डा० सचिन किशोर, डा० क्षितिज राज, डा० दुर्गेश सिंह, डा० शशि प्रभा सिंह, डा० जयपाल सिंह, डा० ममता सिंह, डा० आरती राय, डा० ईश्वर प्रसाद इत्यादि चिकित्सा शिक्षक उपस्थित रहे।
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