चुनार, मीरजापुर। नगर के रामबाग में स्थित सुरभि शोध संस्थान गोरक्षा मूलक स्थानीय उद्योग प्रधान लोक शिक्षण के विविध सेवा प्रकल्पों पर प्रयोग कर रह है। जिसके अन्तर्गत ग्रामीण क्षेत्र में विशेषकर वनवासी समाज रोटी, कपडा, मकान, शिक्षा तथा चिकित्सा में समर्थ होते नजर आ रहा है।
संस्थान द्वारा समाज के सहयोग से लगभग 750 जनजातीय छात्र छात्राओं को छात्रावास मे रखकर नियमित शिक्षा के साथ साथ उनका सर्वांगीण विकास कर रही है। इस समाज की अपनी परम्परा तथा उनके उत्सव है जिसके अन्तर्गत वनवासी समाज प्रतिवर्ष अपने परम्परागत वस्त्र, भोजन, लोक नृत्य, संगीत, वाद्य यंत्रों के माध्यम से उत्सव मनाया जाता है।
उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, मिजोरम, मणिपुर, नेपाल आदि प्रदेशों के जनजातियों का स्थानीय सम्यक सहभागिता से यह कार्यक्रम विगत कई वर्षों से होता चला आ रहा है जिसमें पूरे देश से लगभग दस हजार की संख्या में वनवासी पारम्परिक परिधानों मे समागम होता रहा है। जिसमें पारम्परिक खान पान, लोककला संस्कृति के प्रदर्शन के दौरान लघु भारत की झलक दिखती है।
शनिवार को नगर मे स्थित ऐतिहासिक दुर्ग व भर्तृहरि नाथ के पावन प्रांगण से शोभायात्रा निकाली गई। यात्रा मे विभिन्न प्रदेशों के लोक कलाओ की झाकियां लोगों मे आकर्षण का केन्द्र रहा, जो नगर के विभिन्न मार्गोसे होतें हुए बालू घाट स्थित गंगा तट पहुँच कर गंगा आरती के पश्चात यात्रा का समापन हुआ।



