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इंजिनियरिंग मजदूर यूनियन संघ के श्रमिकों ने किया एकदिवसीय हडताल; श्रम प्रवर्तन अधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह को सौपा अपना मांगपत्र

चुनार, मीरजापुर। चुनार कोतवाली क्षेत्र के धौहा गावं स्थित मेसर्स शांति गोपाल कान कास्ट लिमिटेड के इंजिनियरिंग मजदूर यूनियन संघ के श्रमिकों ने गुरुवार को एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कर श्रम प्रवर्तन अधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह को पत्रक सौंपा।
यूनियन के जिला महामंत्री कमलेश सिंह ने राष्ट्रीय महासंघों द्वारा केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के कारण मजदूरों की लगातार बिगड़ती हालातो पर चिंंता व्यक्त करते हुए कहाकि इस संबंध में केंद्र सरकार को कई बार ज्ञापन दिया गया।

9 जनवरी 2026 को दिल्ली के केंद्रीय श्रम संगठन के द्वारा एक प्रस्ताव के बाद विभिन्न मांगों को लेकर 12 फरवरी को एक दिवसीय आम हड़ताल करने का निर्णय लेते हुए देश के सभी ट्रेड युनियनो में हिस्सा लेने के अपील की गई। पत्रक मे मजदूरों की मांग रही कि चारों श्रम संहिता को रद्द किया जाए, बिजली संशोधन विधेयक 2025 को 20 संशोधन विधेयक 25 को वापस लिया जाए, विकसित भारत ग्रामीण रोजगार एवं आज का मिशन गारंटी अधिनियम के तहत वापस कर मनरेगा
को बाहर किया जाए। प्रदेश की न्यूनतम वेतन सलाहकार बोर्ड का गठन किया गया था विक्रय संवर्धन कर्मियों को सेल्स प्रमोशंस इंप्लाइज के लिए न्यूनतम सलाहकार बोर्ड के उप समिति का गठन किया जाए तथा न्यूनतम वेतन 26000 से कम ना हो। काम करने के 8 घंटे के नियम को सख्ती से लागू किया जाए।

होटल, इंजीनियरिंग उद्योग में वेतन पुनरक्षण किया जाए, उत्तर प्रदेश में श्रम कानून का पालन कड़ाई से किया जाए, असंगठित क्षेत्र के मजदूर के लिए सामाजिक सुरक्षा की व्यवस्था किया जाए, वर्कर आंगनवाड़ी आशा समिति कार्यकर्ता के लिए न्यूनतम वेतन 26000 घोषित किया जाए, रिटायरमेंट के बाद लिमिटेड फंड एवं अन्य सामाजिक सुरक्षा का लाभ दिया जाए, उनको सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए, पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड और दक्षिण अंतर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड सहित सभी साधनी क्षेत्र के निजीकरण पर रोक लगाई जाए, सार्वजनिक क्षेत्र में निवेश बढ़ाकर रोजगार का सृजन किया जाए, सरकारी क्षेत्र में अधिक पदों पर भर्ती किया जाए। समान कार्य के लिए समान वेतन दिया जाए, ठेका प्रथा समाप्त किया जाए, नियमित प्रकृति के काम करने में मजदूर कर्मचारी रखा जाए, संविदा पर कार्य कर रहे मजदूर कर्मचारियों को नियमित किया जाए, 5 साल से पिडित मजदूरों को जिनकी उम्र 60 वर्ष से ऊपर हो गई हो, उनको 9000 मासिक पेंशन दिया जाए, बोर्ड द्वारा मजदूरों के लिए हितकारी योजना को शुरू किया जाए, 31 रक्षक दावों के उपभोक्ता सुनिश्चित करते हुए काला बाजारियों की बी एन एस की धारा 111 में संगठित अपराध के रूप में गलत व्याख्या कर मजदूर नेताओं को जेल भेजने पर रोक लगाईं जाए, प्रस्ताव 78 का तुरंत वेरिफिकेशन किया जाए, रेलवे बैंक सीमा बिजली कोयला सहित सारणी क्षेत्र में निधि का प्रयोग लगाया जाए, बीमा में 100 फ़ीसदी विदेशी निवेश का फैसला रद्द किया जाए आदि मांग शामिल रही।

जिला महामंत्री कमलेश सिंह ने बताया कि महा माया कंपनी की ओर से किसी भी श्रमिकों का आईडी कार्ड नहीं बनाया गया है, जिससे रात में डिय्टी कर घर जाते समय रास्ते में परेशानियों का सामना करना पड़ता है और कम वेतन पर श्रमिकों से कार्य कराया जाता है, जो नियम विरुद्ध है। बताया कि श्रमिकों द्वारा अपना हक मांगने पर कार्य से निकाल देने की धमकी दी जाती है।
इसदौरान जिला कोषाध्यक्ष राजेश सिंह, अवधेश सिंह, प्रदीप स्वाई, धनेश सिंह, विपिन बिहारी, विजय सिंह जित लाल गुड्डू मिश्रा सहित बडी संख्या मे मजदूर मौजूद रहे।

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