महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर भक्तो ने हर हर महादेव के जयकारे के साथ किया जलाभिषेक
0 बम बम बोल रहा है काशी के जयकारे के साथ गुंजायमान हो उठा समूचा नगर
फोटोसहित
चुनार, मीरजापुर।
रविवार को प्रातः श्रद्धालुओ ने गंगास्नान कर जल लेकर नगर के गंगेश्वर नाथ मुहल्ले मे स्थित शिवालय मे पहुच कर शिवलिंग पर जलाभिषेक किया। महापर्वके पावन अवसर पर नगर के बूढे नाथ मन्दिर, टेकोर, स्टेशन रोड, बहरामगंज, टम्मलगंज, रामघाट, बालूघाट स्थित शिव मन्दिरो पर दिनभर श्रद्धालुओ की भीड रही। वही प्रभात भजन समिति बोल बम सेवा समिति ने शिव भजन करते हुए नगर के प्रमुख मार्गो से होते हुए गंगातट पहुचकर स्नान आदिकरके गंगाजल लेकर शिव मंदिर पहुच कर जलाभिषेक किया। शिवभक्त डमरु दल ने भी बालूघाट से गंगा जल लेकर डमरु बजाते हुए टेकौर स्थित बूढेनाथ मंदिर पहुच कर जलाभिषेक किया। भूत भावन दिगम्बर धारी के विवाह उत्सव के महापर्व पर नगर के प्रभात भजन समिति द्वारा सायंकाल भब्य शिवबारात की झांकी निकाली गई गाजे बाजे के साथ श्रद्धालु भजन किर्तन व फागुन की गीतो व ढोल के थापो पर नाचते गाते हुए नगर के विभिन्न मार्गो से होकर रामलीला मैदान पहुचे जहां प्रसाद वितरण कर बारात के कार्यक्रम का समापन हुआ। प्रातः से लेकर शाम तक के कार्यक्रम के दौरान शान्ति ब्यवस्था के मद्देनजर पुलिस प्रशासन की ब्यवस्था चुस्त दुरुस्त रही।इस दौरान अमितकुमार गुप्ता, महेन्द्र साहू, लवकुश गुप्ता, पवन कुमार, सुनिलगुप्ता, मदन गुप्ता, प्रदीपकुमार, चन्द्रहाश गुप्ता आदि प्रमुख शामिल रहे।
[15/02, 18:09] Vimlesh Agrahari: फोटोसहित
चुनार, मीरजापुर।
महाशिवरात्रि के दिन टेकौर मुहल्ले मे स्थित बुढेनाथ मंदिर के पास रूद्रेश्वर बूढेनाथ दंगल समिति द्वारा कुश्ती प्रतियोगिता आयोजित हुआ। जिसमें वाराणसी, मीरजापुर, कछवां, अहरौरा, मेंहदीपुर, नरायनपुर सहित स्थानीय पहलवानों ने प्रतिभाग कर जोर आजमाइश किया। सर्वाधिक कुश्ती दो हजार की सुनील कुमार वाराणसी और चुनार के विष्णु के बीच हुई जिसमें विष्णु ने सीधा दांव लगाकर सुनील को पटखनी देकर कुश्ती अपने नाम किया। प्रतियोगिता को सकुशल संपन्न कराने में कमेटी के लक्ष्मण प्रसाद, मिठाई लाल, अमरनाथ यादव, लल्लू कुशवाहा, कल्लू कुशवाहा आदि प्रमुख मौजूद रहे। निर्णायक की भूमिका कल्लू यादव पहलवान ने निभाई। प्रतियोगिता को देखने के लिए नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बडी संख्या मे कुश्ती प्रेमी मौजूद रहे।



