मीरजापुर।
मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय, मिर्जापुर से संबद्ध महाविद्यालयों में शैक्षिक सत्र 2025-26 की सेमेस्टर परीक्षाओं का सुचारू और नकलमुक्त संचालन सुनिश्चित करने हेतु के.बी.पी.जी. कॉलेज मिर्जापुर में एक महत्वपूर्ण निरीक्षण किया गया। कुलपति प्रोफेसर शोभा गौंड ने प्राचार्य प्रोफेसर रविन्द्र कुमार द्विवेदी के साथ सोमवार को परीक्षा के दौरान परीक्षा कक्षों का अवलोकन किया।
इस अवसर पर, उन्होंने केंद्रीय और आंतरिक सचल दल के संयोजक प्रोफेसर भवभूति मिश्र, प्रोफेसर वंदना मिश्रा, डॉ प्रभु नाथ यादव, डॉ कुलदीप पांडेय, और डॉ रत्नेश मिश्रा, सदस्यों डॉ के एम दुबे, डॉ ऋचा शुक्ला और डॉ सुभाष पांडेय के साथ मिलकर परीक्षा कक्षों की गहन जांच की और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी सुनिश्चित की।
प्राचार्य ने बताया कि के बी पीजी कॉलेज, ज्ञानन्दा और गजानंद पीजी कॉलेज के परीक्षार्थियों की परीक्षा के सुचारू संचालन और नकल रोकने के लिए कक्ष निरीक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि सुबह की पाली में एम ए और एम एस सी प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा में कुल 695 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 24 अनुपस्थित और 671 उपस्थित थे।
इस निरीक्षण का उद्देश्य परीक्षाओं को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाना है, जिससे छात्रों को एक समृद्ध और निष्पक्ष शैक्षिक वातावरण प्रदान किया जा सके।
सीएम से मिली कुलपति, यूनिवर्सिटी निर्माण प्रगति से कराया अवगत
मीरजापुर।
उत्तर प्रदेश सरकार के माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आज माँ विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय मीरजापुर की कुलपति प्रो. शोभा गौड़ ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर कुलपति जी ने विश्वविद्यालय परिसर में प्रगति पर चल रहे निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति से मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया तथा शैक्षणिक गतिविधियों के विस्तार की रूपरेखा प्रस्तुत की।
कुलपति ने विशेष रूप से स्नातक एवं परास्नातक प्रथम सेमेस्टर की परीक्षाओं के सफल, पारदर्शी एवं सुचारु संचालन के लिए उठाए गए कदम के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नवस्थापित विश्वविद्यालय होने के बावजूद प्रशासनिक एवं शैक्षणिक स्तर पर सभी व्यवस्थाएँ सुनियोजित ढंग से सुनिश्चित की जा रही हैं, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध कराई जा सके।



