मीरजापुर।
मानव सभ्यता के लिए एक चुनौती के रूप में प्लास्टिक प्रदूषण एक बहुत बड़ी समस्या बनी हुई है प्लास्टिक के कारण वातावरण, एवं जल प्रदूषण के साथ-साथ भूमि भी बंजर हो रही है जिससे कृषि की उत्पादन क्षमता पर भी प्रभावित हो रहा है तथा ग्राम पंचायत में नाली को चैक हो रही है जिसके कारण जल एवं वातावरण पूर्णतया ग्राम पंचायत में प्रदूषित हो रहा है पशुओं के द्वारा खाद्य पदार्थों के माध्यम से प्लास्टिक को ग्रहण करने कारण उनकी औसमय मृत्यु हो जाती है तथा प्लास्टिक को जलने से छोटे-छोटे पार्टिकलेस से सांस संबंधी बीमारियां एवं अनेक रोगों का फैल रहा है जिससे और समय मृत्यु हो रही है।
जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने जिला पंचायत राज अधिकारी संतोष श्रीवास्तव, अपर जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला कंसल्टेंट, सहायक विकास अधिकारी पंचायत के साथ प्लांट का निरीक्षण किया गया। इस फैक्ट्री में प्लास्टिक को टुकड़ों में कटिंग करने के उपरांत धुलाई किया जाता है तत्पश्चात ड्राई किया ड्राई किया जाता है तत्पश्चात प्लास्टिक को अग्लो फाइन के रूप में तैयार कर, प्लास्टिक को दाने में कन्वर्ट करने के लिए दाना तैयार किया जा रहा है। उसके बाद विभिन्न कंपनियों से संपर्क कर बेचा जाएगा और जनपद के समस्त ग्राम पंचायत को प्लास्टिक के वजन के हिसाब से धनराशि दिया जाएगा जिससे उनके ओएसआर खाते में वृद्धि होगी और ग्राम पंचायत समृद्ध बनेगा तथा लोगों को प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से रोजगार भी मिलेगा।
उन्होंने कहा कि प्लास्टिक मुक्त जनपद के क्षेत्र में अभिनव पहल है। विंध्य परिक्षेत्र को पूर्णतया प्लास्टिक मुक्त बनाए जाने के क्षेत्र में जनपद ने अपना कदम बढ़ा दिया है जिलाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया है कि ग्राम पंचायत से प्लास्टिक कलेक्शन कराते हुए दैनिक रूप से प्लांट क्रियाशील रखा जाय। उन्होंने कहा कि समूह की महिलाओं को प्लांट संचालित करने के लिए एक निश्चित मानदेय भी निर्धारित किया जाए।


