0 ब्लास्टिंग के दौरान अचानक धंसा मलबा, हादसे के बाद प्लांट में मची अफरा-तफरी
अहरौरा, मीरजापुर। यूपी के मीरजापुर मे अहरौरा थाना क्षेत्र के भगौती देई स्थित एसएस रंजन स्टोन क्रेशर प्लांट पर शनिवार को निर्माण कार्य के दौरान अचानक मलबा धंसने से बड़ा हादसा हो गया। इस हादसे में काम कर रहे चार मजदूर मलबे के नीचे दब गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक नक्सल राजकुमार मीणा, एसडीएम चुनार अनेग सिंह, क्षेत्राधिकारी मड़िहान मो. फहीम, तहसीलदार चुनार तथा थाना प्रभारी अजय मिश्रा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। ग्रामीणों ने मलबे में कुछ और मजदूरों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। इसके बाद पुलिस ने जेसीबी मंगवाकर मलबे की खोजबीन शुरू कराई। करीब आधे घंटे तक तलाश किए जाने के बावजूद मलबे में कोई अन्य शव नहीं मिला। पुलिस के सहयोग से प्लांट मालिक और कर्मचारियों द्वारा चार मजदूरों को मलबे से निकालकर निजी अस्पताल ले जाया गया था, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस के अनुसार मृतकों की पहचान लाल बहादुर पुत्र दुलारे (35 वर्ष), अशोक पुत्र बसंत (38 वर्ष), राकेश पुत्र रामजी (28 वर्ष) और दुर्योधन पुत्र झेगई (28 वर्ष) के रूप में हुई है। सभी मृतक बड़गांवा, थाना जुगैल, जनपद सोनभद्र के रुप मे की गयी है।
चार चार मजदूरों की मौत की सूचना पर राजेश प्रकाश, डीआईजी पूनम, जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार एवं पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक भी घटनास्थल पर पहुंचीं और मामले की जानकारी ली। घटनास्थल का निरीक्षण कर हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी ।
बताया जा रहा है कि प्लांट पर ब्लास्टिंग का कार्य चल रहा था। इसी दौरान अचानक मलबा धंस गया और वहां काम कर रहे करीब चार मजदूर उसके नीचे दब गए। हादसे के बाद प्लांट परिसर में अफरा-तफरी मच गई। वहीं, कुछ लोगों ने बताया कि ब्लास्टिंग के तेज कंपन की वजह से क्रेशर प्लांट का डग (ढांचा) अचानक धराशाई हो गया।
हादसे के बाद प्लांट कर्मचारियों पर मृत मजदूरों के शवों को तत्काल मौके से निजी अस्पताल ले जाने और घटना को छिपाने का प्रयास करने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। घटना का कारण प्लांट संचालकों की लापरवाही थी या एक संयोग यह तो जांच के बाद ही साफ हो पाएगा।




