मीरजापुर। शासनादेश संख्या 3/2026/ए-1-08-2026/10-31/4/2022 वित्त (लेखा) अनुभाग-1 लखनऊ दिनांक 12 मार्च 2026 के प्राविधानों के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2025.26 में आहरण वितरण अधिकारी के द्वारा प्रस्तुत होने वाले देयको का कोषागारों से समयान्तर्गत भुगतान सुनिश्चित हो सके, के दृष्टिगत निम्न निर्देशो का अनुपालन सुनिश्चत किया जॉय। शासनादेश संख्या 5/2026/ए-1-11/दस-2026-10-1099/276/2020 वित्त (लेखा) अनुभाग-1 लखनऊ दिनांक 17 मार्च 2026 के कम में दिनांक 31 मार्च 2026 (महावीर जंयती) को कोषागार/एजेन्सी बैंक की शाखाओं को खोले जाने के निर्देश प्राप्त है तद्कम में कोषागार दिनांक 31 मार्च 2026 (महावीर जंयती) को समान्य कार्य दिवस के भाति कोषागार / एजेन्सी बैंक खुले रहेगे। अभी तक के प्राप्त बजट के देयक दिनांक 25 मार्च 2026 तक ही कोषागार में स्वीकार किये जायेगे। 25 मार्च 2026 के बाद पुराने बजट के बिल कोषागार द्वारा पारित किया जाना सम्भव नही होगा। दिनांक 25 मार्च 2026 के बाद प्राप्त बजट के सापेक्ष देयक 31 मार्च को अपरान्ह 3:00 बजे तक ही कोषागार में स्वीकार किये जायेगे। साय 5 बजे तक कोषागार द्वारा फाइनल ट्रांजेक्शन अप्रूवल किया जायेगा। साय 5 बजे के बाद कोई भी ट्रांजेक्शन अप्रूवल किया जाना सम्भव नही हो पायेगा। जैसा की आप सभी अवगत होगे की प्रत्येक ट्रांजेक्शन की वैधता 10 दिन की होती है। कोषागार में केवल वैधता अवधि का ट्रांजेक्शन बिल कोषागार में प्रस्तुत किया जॉय।
समस्त आहरण वितरण अधिकारी कोषागार में समस्त देयक बजट उपलब्धा के सापेक्ष टोकन जनरेट के उपरान्त देयक प्रस्तुत करना सुनिश्चित करे। बिना टोकन के कोई भी देयक कोषागार द्वारा स्वीकार नही किया जायेगा। शासनादेश संख्या 3/2026/ए-1-08-2026/10-31/4/2022 वित्त (लेखा) अनुभाग-1 लखनऊ दिनांक 12 मार्च 2026 के प्राविधानो के अन्तर्गत दिनांक 31 मार्च 2025 को आहरण वितरण अधिकारी द्वारा कोषागार में बिल प्रस्तुत करने तथा कोषागार द्वारा बिलो का पारण किये जाने हेतु समय सीमा निर्धारित की जाती है। यथा आहरण एवं वितरण अधिकारियों द्वारा कोषागार में बिल प्रस्तुत करने का समय पर हम 3:00 बजे तक कोषागार द्वारा ट्रांजैक्शन अप्रूवल करने का समय शाम 5:00 बजे तक निर्धारित है। शासन की मंशा के अनुरूप उपलब्ध बजट का समयान्तर्गत वित्तीय नियमो के अधीन उपयोग करते हुए उपरोक्तानुसार देयक कोषागार मे प्रस्तुत करते हुए समस्त बिन्दुओ पर कार्यवाही सुनिश्चित करने का कष्ट करें। उक्त का अनुपालन न करने तथा आहरण के अभाव में किसी धनराशि के व्यपगत् हो जाने पर सम्बन्धित आहरण एवं वितरण अधिकारी उत्तरदायी होंगें।





